फिजी में हिंदू मंदिरों पर हमला, पीएम मोदी से हस्तक्षेप की माँग

फिजी में हाल के दिनों में हिंदू मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों पर हमले की कई घटनाएँ सामने आई हैं। इन हमलों को लेकर न सिर्फ फिजी के हिंदू समुदाय में गुस्सा है, बल्कि अब वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन (Pacific) ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी हस्तक्षेप की माँग की है। इस बीच, फिजी के उप-प्रधानमंत्री मनोआ कामिकामिका ने सख्त बयान देते हुए कहा कि ऐसे कृत्य अब बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे।

जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त 2025 को नाडी और कोरोसिरी इलाकों में कुल 9 मूर्तियाँ चोरी हुईं, जिनमें सभी भगवान हनुमान की मूर्तियाँ थीं। इनमें से कुछ मूर्तियाँ तीन अलग-अलग घरों से चुराई गईं और कुछ मामलों में मंदिरों को भी निशाना बनाया गया। पुलिस ने इन घटनाओं की पुष्टि की है और बताया कि एक टीम संदिग्धों की पहचान करने के लिए दिन-रात जाँच में जुटी है।

कार्यवाहक प्रधानमंत्री का सख्त रुख

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिजी के उप-प्रधानमंत्री मनोआ कामिकामिका ने एक हिंदू एकता सभा में बोलते हुए, देश भर में धार्मिक स्थलों की बेअदबी की कड़ी निंदा की। उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा, “यदि आप इन कृत्यों में विश्वास करते हैं, तो फिजी आपके लिए सही जगह नहीं है।” उन्होंने हिंदू समुदाय को भरोसा दिलाया कि सरकार सभी नागरिकों को एकजुट करने और उनके पूजा करने के अधिकार की रक्षा के लिए कड़ी मेहनत करेगी।

उप-प्रधानमंत्री मनोआ कामिकामिका ने प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका की ओर से भी संदेश दिया, जो इस समय भारत की यात्रा पर हैं। कामिकामिका ने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों पर हमलों के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ यानि जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी। उन्होंने इस सभा को सामाजिक विश्वास और मेल-मिलाप को बढ़ावा देने वाली ‘राष्ट्र निर्माण की पहल’ बताया।

भारत से मदद की अपील

जानकारी के अनुसार, वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन (पैसिफिक) ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वे इस मामले को फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका के सामने उठाएँ। फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार ने हमलों पर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिरों और घरों से पवित्र शिवलिंग और मूर्तियों की चोरी और हिंदू समुदाय के खिलाफ बर्बरता की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

डॉ सुनील कुमार ने फिजी की सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार निंदा के बावजूद इस तरह के अपराध ‘चिंताजनक आवृत्ति’ के साथ जारी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री राबुका से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उनकी सरकार हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेगी। फेडरेशन ने फिजी सरकार से सभी धार्मिक समूहों की सुरक्षा के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है ताकि शांति, आपसी सम्मान और बहु-नस्लीयता के मूल्यों को बनाए रखा जा सके।



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