पाकिस्तान

जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फजल) (JUI-F) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की अपनी ही फौज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर पाकिस्तान काबुल पर हमले को जायज ठहरा सकता है, तो भारत ने मुरीदके और बहावलपुर पर हमला कर क्या गलत किया?

मौलाना के सवालों ने पाकिस्तान की सियासत में सनसनी मचा दी, क्योंकि एक बड़े नेता ने खुले तौर पर सेना की कार्रवाइयों और विदेश नीति पर सवाल उठाए। ल्यारी में मंच से मौलाना ने कहा कि पाकिस्तान की सेना अपने दुश्मन के ठिकानों पर स्ट्राइक को जायज मानती है, तो भारत के हमलों पर विरोध क्यों जताती है। उनके सवाल सीधे तौर पर मई 2025 में भारत द्वारा किए गए पहलगाम हमले के बाद मुरीदके और बहावलपुर में किए गए ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े थे।

मौलाना के सवालों से पाकिस्तानी जनरल असीम मुनीर और रक्षा मंत्री घेरे में आ गए हैं। उनको मौलाना के सवालों का जवाब देने पर मजबूर होना पढ़ा। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सफाई देते हुए TTP के खिलाफ अपनी कार्रवाई और मई में भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ बिना किसी उकसावे को की गई कार्रवाई की तुलना ‘गलत और अनुचित’ है।

ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के ‘निष्पक्ष जांच’ के प्रस्ताव के बाद भी भारत इसमें पाकिस्तान की संलिप्तता का सबूत नहीं दे पाया है। आसिफ ने भारत को सबूत न देने वाली बात पर तो घेरा, लेकिन जो सबूत भारत ने दिए उसपर चुप्पी साध ली। साथ ही अफगानिस्तान में बच्चों पर बम बरसाने वाले मामले में भी कुछ नहीं बोल सके।

Source link



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Search

Categories

Tags

Gallery