डोभाल-पुतिन की मुलाकात से उड़े डोनाल्ड ट्रंप के होश, गर्मजोशी दिखा रही – दोस्ती कितनी गहरी: प्रफुल्लित दिखे रूसी राष्ट्रपति, जल्द आएँगे भारत


मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति और डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल ने मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों देशों ने द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। ये मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ लगाते हुए भारत पर दुनिया में सबसे ज्यादा 50 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की। माना जा रहा है कि यह मुलाकात अमेरिकी दबाव को संतुलित करने की दिशा में अहम पहल है।

अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने का हवाला देते हुए टैरिफ दोगुना कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर रूस ने करीब चार साल से चल रहे यूक्रेन युद्ध को शुक्रवार तक खत्म नहीं किया, तो वह रूसी तेज खरीदने वाले देशों पर एक और प्रतिबंध लगाएगा।

क्रेमलिन प्रेस सेवा ने एक वीडियो शेयर किया है। इसमें डोभाल वार्ता से पहले रूस के राष्ट्रपति से हाथ मिलाते दिख रहे हैं। डोभाल ने अपने रूस के समकक्ष सर्गेई शोइगु से भी मुलाकात की। भारत और रूस के बीच रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में संबंधों पर ही अमेरिका को ऐतराज है। हालाँकि भारत साफ कर चुका है कि वह रूस से व्यापार बंद नहीं करेगा।

इस साल के अंत में राष्ट्रपति पुतिन भारत यात्रा पर आने वाले हैं इसकी जमीन तैयार करने के लिए अजीत डोभाल मॉस्को गए हैं। डोभाल ने खुद जानकारी दी है कि पुतिन भारत आने वाले हैं। वहाँ पुतिन और डोभाल की गर्मजोशी दुनियाभर में सुर्खियाँ बन रही हैं। पुतिन जिस तेजी और जोश के साथ आकर डोभाल से मिलते हैं, उनका हाथ पकड़ते हैं और मुस्कुराते हुए बातें करते हैं और बैठने का आग्रह करते हैं। इनमें भी संकेत छुपे हुए हैं।

ब्राजील के बाद भारत पर ट्रंप ने लगाया सबसे ज्यादा टैरिफ

भारत पर 7 अगस्त को 25 फीसदी टैरिफ लागू होगा और फिर 21 अगस्त को दूसरे दौर की 25 फीसदी यानी पूरा 50 फीसदी टैरिफ लागू हो जाएगा। भारत ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। विदेश मंत्रालय ने इसे अन्यायपूर्ण, असंगत कहा है। साथ ही कहा है कि देशहित में जरूरी कदम उठाए जाएँगे।

अमेरिका पर लगातार दोहरे मापदंड के आरोप लग रहे हैं। खुद अमेरिका यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड, पैलेडियम और उर्वरक रूस से आयात करता है। इसके अलावा यूरोपीय यूनियन का कारोबार भी अभी तक रूस से पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में भारत पर दबाव डालने की रणनीति हैरान करने वाली हैं। इसको लेकर जब राष्ट्रपति ट्रंप से पत्रकार ने सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें रूस से व्यापार की जानकारी ही नहीं है।

देशहित में लेंगे फैसला – पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। भारत मछुआरों, डेयरी किसानों और अन्य किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि इसकी भारी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी लेकिन वे इसके लिए तैयार हैं।

दरअसल भारत ने अमेरिकी टैरिफ बम से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। एक तरफ डोभाल रूस में हैं तो पीएम मोदी जापान और फिर चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। ब्राजील ने पहले ही ब्रिक्स देशों को अमेरिकी टैरिफ से मुकाबला करने के लिए साथ आने का आह्वान कर चुका है। रूस के राष्ट्रपति इस साल के अंत में भारत आने वाले हैं।



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