‘तेहरान खाली करो’- ट्रंप का फरमान, नेतन्याहू ने किया खामेनेई के अंत का ऐलान: इजरायल-ईरान के बीच युद्ध चरम पर, लोगों को भागने के लिए नहीं मिल रहा रास्ता


ईरान और इजरायल युद्ध में ट्रंप ने तेहरान खाली करने को कहा

इजरायल और ईरान के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब अपने पाँचवें दिन में प्रवेश कर चुका है और हर गुजरते दिन के साथ ईरान की आक्रामकता मिडिल ईस्ट में अशांति बढ़ा रही है। इस संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की राजधानी तेहरान को तुरंत खाली करने का आदेश जारी कर दिया है, जिससे दुनिया भर में इस क्षेत्र में ईरान के बढ़ते खतरे की गंभीरता समझ में आ रही है।

वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को जान से मारने की धमकी देकर साफ कर दिया है कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा। दोनों नेताओं की यह दृढ़ता साफ तौर पर ईरान की आतंकी गतिविधियों और परमाणु महत्वकांक्षा पर लगाम लगाने की ओर इशारा कर रही है, जिससे मिडिल ईस्ट में स्थिरता की उम्मीद जगी है।

तेहरान खाली करो- ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर न करने को लेकर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान का यह रवैया मूर्खतापूर्ण है और इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “ईरान को उस ‘समझौते’ पर हस्ताक्षर करने चाहिए थे, जिस पर साइन करने के लिए मैंने उनसे कहा था। लोगों का मारा जाना कितने शर्म की बात है। साफ शब्दों में कहूँ तो, ईरान न्यूक्लियर हथियार नहीं रख सकता है। मैंने यह बार-बार कहा है। सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए।”

हालाँकि, अमेरिकी प्रवक्ता एलेक्स फिफर और पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने साफ किया है कि अमेरिका अभी तक किसी भी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं है और उसकी सेनाएँ सिर्फ आत्मरक्षा के लिए तैयार हैं।

लेकिन ट्रंप का राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) को सिचुएशन रूम तैयार रखने का आदेश यह बताता है कि अमेरिका इस स्थिति को कितनी गंभीरता से ले रहा है और ईरान के खतरे को रोकने के लिए बड़े फैसलों की जरूरत पड़ सकती है।

‘खामेनेई को मार डालो’-नेतन्याहू

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को सीधे तौर पर निशाना बनाने की बात कहकर सबको चौंका दिया है। एबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि खामेनेई को निशाना बनाना संघर्ष को बढ़ाएगा नहीं, बल्कि खत्म करेगा।

नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने पहले भी ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया है, जो हिटलर की न्यूक्लियर टीम की तरह काम कर रहे थे। नेतन्याहू का मानना है कि खामेनेई की हत्या से यह युद्ध खत्म हो जाएगा और ईरान के परमाणु व बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकेगा, चाहे ईरान खुद ऐसा करे या इजरायल को ऐसा करना पड़े।

नेतन्याहु ने यह भी कहा कि ईरान का शासन बहुत कमजोर है और इस लड़ाई का परिणाम ईरान में तख्तापलट का कारण बन सकता है, जिससे मिडिल ईस्ट का चेहरा हमेशा के लिए बदल जाएगा और क्षेत्र में स्थिरता आएगी।

नेतन्याहु ने यह भी दावा किया है कि ईरान की राजधानी तेहरान का हवाई क्षेत्र अब इजरायली वायुसेना के कब्जे में हैं।

युद्ध की आग में झुलसता मिडिल ईस्ट

इजरायल और ईरान के बीच चल रहे इस संघर्ष में अब तक भारी नुकसान हो चुका है। इजरायली हमलों में 224 ईरानी मारे जा चुके हैं और 1,481 लोग घायल हुए हैं, जबकि इजरायल में 24 लोगों की मौत हुई है और 600 से ज्यादा घायल हुए हैं।

इजरायल ने तेहरान पर कई बार एयरस्ट्राइक की है, जो ईरान की आक्रामकता का जवाब है। वहीं, ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव और हाइफा पर बमबारी की है, जिससे साफ है कि ईरान की मंशा सिर्फ नुकसान पहुँचाना है।

इस युद्ध के कारण ईरान की राजधानी तेहरान से भागने की कोशिश कर रहे हजारों लोग फँस गए हैं। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक ईरानी हवाई क्षेत्र बंद होने और टैक्सी न मिलने के कारण लोग सीमा तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, जो ईरान की बदइंतजामी को दर्शाता है।

इजरायल ने अपने नागरिकों से जॉर्डन और मिस्र के जरिए देश छोड़ने को कहा है। चीनी दूतावास ने भी इजरायल में रह रहे अपने नागरिकों से जल्द से जल्द देश छोड़ने की अपील की है और उन्हें जमीन के रास्ते जॉर्डन जाने की सलाह दी है।



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