मिडल ईस्ट में इस वक्त हालात बेकाबू हो चुके हैं। इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ (शेर की दहाड़) छेड़ दिया है। ईरान के सबसे बड़े नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के तेहरान स्थित सुरक्षित कंपाउंड पर भीषण हमला हुआ है।

एयरबस द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि खामेनेई का आलीशान घर मलबे के ढेर में बदल चुका है और वहाँ से काले धुएँ का गुबार उठ रहा है। हालाँकि, दावा किया जा रहा है कि हमला होने से ठीक पहले खामेनेई वहाँ से निकलने में कामयाब रहे और फिलहाल किसी गुप्त बंकर में छिपे हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली तबाही की पोल

न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। तेहरान के जिस इलाके को ईरान ‘अभेद्य’ मानता था, वहाँ अब सिर्फ खंडहर नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में खामेनेई के ऑफिस और निवास की इमारतें पूरी तरह जमींदोज दिख रही हैं।

इजरायल और अमेरिका ने पिनपॉइंट स्ट्राइक (सटीक निशाना) के जरिए उन गुप्त रास्तों को भी तबाह कर दिया है, जिनका इस्तेमाल ईरानी नेता करते थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक बड़ा मिलिट्री कैंपेन बताया है और ईरानी सेना से हथियार डालने की अपील की है।

खामेनेई और राष्ट्रपति को मारने की कोशिश

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साझा हमले का मुख्य मकसद ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करना था। निशाने पर न केवल खामेनेई थे, बल्कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी थे। हालाँकि, वे इस हमले में बाल-बाल बच गए, लेकिन खबर है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कई सीनियर कमांडर और बड़े अधिकारी इस बमबारी में मारे गए हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यह ऑपरेशन अभी जारी रहेगा और अगर ईरानी सेना ने सरेंडर नहीं किया, तो उन्हें ‘पक्की मौत’ का सामना करना पड़ेगा।

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