अमेरिका के अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लंबी बैठक हुई। इस बैठक में रूस-यूक्रेन विवाद का तो समाधान नहीं निकला लेकिन पुतिन ने एक ऐसी बात कह दी जिससे अमेरिका का दोहरा चरित्र दुनिया के सामने बेनकाब हो गया।
ट्रंप दुनिया के तमाम देशों को धमकाते रहते हैं कि वे रूस से व्यापार बंद कर दें। उनका तर्क होता है कि इससे यूक्रेन युद्ध की फंडिंग हो रही है। अब पुतिन ने ट्रंप की मौजूदगी में ही कह दिया है कि उनका अमेरिका के साथ व्यापार ट्रंप सरकार में बढ़ा है।
पुतिन ने क्या कहा?
अलास्का में ट्रंप और पुतिन ने बैठक के बाद एक साझा न्यूज कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। अपने बयान में पुतिन ने कहा, “नया अमेरिकी प्रशासन आने के बाद हमारे आपसी व्यापार में बढ़ोतरी हुई है। अभी यह आँकड़ा प्रतीकात्मक ही है लेकिन फिर भी व्यापार 20% ज्यादा है। हमारे पास सहयोग के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्र मौजूद हैं।”
पुतिन ने आगे कहा कि रूस और अमेरिका के बीच व्यापार और निवेश की साझेदारी में बहुत बड़ी संभावनाएँ हैं। व्यापार, ऊर्जा, डिजिटल और उच्च तकनीक और अंतरिक्ष विकास जैसे क्षेत्रों में दोनों देश एक-दूसरे को बहुत कुछ दे सकते हैं।
पुतिन ने कहा कि अमेरिका और रूस को पुराने पन्ने पलटते और फिर से सहयोग की राह पर लौटने की आवश्यकता है।
भारत ने अमेरिका को दिखाया था आईना
हालाँकि, भारत पहले ही रूस से व्यापार को लेकर अमेरिका को आईना दिखा चुका है। ट्रंप ने बीते 4 अगस्त को भारत के रूसी तेल खरीदने पर सवाल उठाए थे। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा था, “भारत ना केवल भारी मात्रा में रूसी तेल खरीद रहा है बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊँचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमा रहा है।”
ट्रंप ने लिखा था, “भारत को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि रूस के कारण यूक्रेन में कितने लोगों की जान जा रही है। इस वजह से मैं भारत से आने वाले सामानों पर अधिक टैरिफ लगाऊँगा।”
भारत ने ट्रंप की पोस्ट के कुछ समय बाद ही अमेरिका को आईना दिखा दिया था। भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया था कि अमेरिका भी रूस से परमाणु उद्योग के लिए यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड, ईवी उद्योग के लिएपैलेडियम के साथ उर्वरक और रसायन आयात करता है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “ऐसे में भारत को निशाना बनाना न केवल अनुचित है, बल्कि गलत भी है। भारत हर बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह अपने राष्ट्रीय हित और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।” भारत ने यूरोप और रूस के बीच हो रहे व्यापार की भी पोल खोल दी थी।
Statement by Official Spokesperson
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 4, 2025
ट्रंप ने कहा था- रूस से खरीद की जानकारी नहीं
भारत के इस बयान के बाद ट्रंप से जब यह पूछा गया कि क्या अमेरिका, रूस से रसायन और उर्वरक आयात करता है तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से ही इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था, “मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता। हमें इसकी जाँच करनी होगी।”
#WATCH | Responding to ANI's question on US imports of Russian Uranium, chemical fertilisers while criticising their (Indian) energy imports', US President Donald Trump says, "I don't know anything about it. I have to check…"
(Source: US Network Pool via Reuters) pic.twitter.com/OOejcaGz2t— ANI (@ANI) August 5, 2025
इसके कुछ समय बाद ही आईना दिखाए जाने के बाद भन्नाए ट्रंप ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी थी। इससे पहले 30 जुलाई को वह 25% टैरिफ लगाने का ऐलान कर चुके थे। यानी भारत पर कुल टैरिफ 50% हो गया था। हालाँकि, ट्रंप ने 25% अतिरिक्त टैरिफ पर बातचीत के लिए 21 दिनों का समय दिया था।
अमेरिकी सरकार के एक कार्यकारी आदेश में इस अतिरिक्त टैरिफ की वजह को लेकर बताया गया कि भारत, रूस से सीधे या परोक्ष रूप से तेल खरीद रहा है। अब पुतिन ने जो अमेरिकी नकाब दुनिया के सामने उतारा है उसने ट्रंप की सारी हकीकत उजागर कर दी है। उम्मीद है अब जब ट्रंप से व्यापार बढ़ने को लेकर सवाल पूछा जाएगा तो वो यह नहीं कह पाएँगे कि ‘उन्हें जानकारी नहीं है’।














