प्रयागराज में भीम आर्मी के सदस्यों द्वारा फैलाई गई हिंसा के बाद 85 गिरफ्तार

प्रयागराज में 29 जून 2025 को आजाद समाज पार्टी (ASP) और भीम आर्मी के सदस्यों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद 85 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 8 नाबालिग भी शामिल हैं।

उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई उपद्रवियों से करवाएगी।

हिंसा के बाद एक वीडियो सामने आया। वीडियो में उपद्रवी सज़ा काटते दिख रहे है। पुलिस स्टेशन में माफी भी माँगते दिखे। वीडियो में कुछ उपद्रवियों के सिर मुंडे हुए थे। वे हाथ जोड़े हुए भी दिख रहे थे। हालाँकि, यह साफ नहीं है कि इन वीडियो का मौजूदा मामले से कोई संबंध है या नहीं।

क्या हुआ था उस दिन?

रविवार (29 जून 2025) को प्रयागराज में ASP प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ को एक बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने से रोका गया था। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई। भीड़ बेकाबू हो गई।

यमुनानगर के DCP के अनुसार, करछना क्षेत्र के पास के गाँव में लोग इकट्ठा हुए थे। उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियाँ तोड़ी और आग लगाई। पुलिसकर्मियों पर पत्थर भी फेंके।

चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया था कि यूपी पुलिस ने उन्हें कौशांबी जिले में कथित बलात्कार की शिकार एक नाबालिग लड़की के परिवार से मिलने नहीं दिया। दो घंटे से ज़्यादा इंतजार करवाया।

भीड़ का उत्पात

भीम आर्मी के समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने आधे दर्जन से ज़्यादा बसों, चार पुलिस वाहनों और चार अन्य गाड़ियों पर पथराव कर नुकसान पहुँचाया। उपद्रवियों ने बाजार की दुकानों में भी तोड़फोड़ की और राहगीरों से मारपीट की।

रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्पात वाले दिन पुलिस ने हालात काबू करने की कोशिश की तो उपद्रवियों ने 4,000 से ज़्यादा पत्थर फेंके। पुलिस ने बाजार के आसपास से 42 दोपहिया वाहन भी जब्त किए हैं।

हंगामे से पहले की तैयारी

चंद्रशेखर आजाद के करछना के इसौटा गाँव पहुँचने की खबर पर उनके समर्थकों ने हर घर पर भीम आर्मी का झंडा लगा दिया था। इससे लग रहा था कि चंद्रशेखर आजाद परिवार से मिलने से पहले शक्ति प्रदर्शन करने वाले थे।

गाँव में डॉ भीम राव अंबेडकर की एक प्रतिमा को मंदिर की तरह बनाया गया था और वहाँ भी झंडे लगाए गए थे।

पुलिस चाहती थी कि बलात्कार पीड़िता के परिवार को शहर ले जाया जाए ताकि वे चंद्रशेखर से मिल सकें। लेकिन भीम आर्मी के समर्थक जिद पर अड़े थे कि उनके नेता को करछना आने दिया जाए।

पुलिस का विरोध करते हुए समर्थकों ने हनुमान पुरी मोड़ पर तोड़फोड़ और आगजनी की। यमुनानगर DCP मामले की जाँच कर रही है।



Source link

Search

Categories

Recent Posts

Tags

Gallery