दिल्ली की गलियों में रैपिडो जैसे ट्रांसपोर्ट ऐप के जरिए अपनी बाइक चलाकर परिवार का गुजारा करने वाले एक ड्राइवर की जिंदगी में तूफान आ चुका है। रोजाना ₹500-₹600 कमाने वाले इस बाइक राइडर की जिंदगी 2 कमरों की झोपड़ी में कटती है, लेकिन उसके बैंक खाते में आठ महीनों में 331 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन हो गया। दरअसल, ये कोई किस्मत का खेल नहीं था, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा जाल था, जिसके बाद में उसे खुद ही नहीं पता था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जाँच ने खुलासा किया है कि ये ‘म्यूल अकाउंट’ अवैध सट्टेबाजी ऐप 1xBet से जुड़े काले धन को सफेद करने के लिए इस्तेमाल हुआ। और सबसे चौंकाने वाली बात इसी खाते से गुजरात यूथ कॉन्ग्रेस के नेता आदित्य जुला की नवंबर 2024 वाली उदयपुर की लग्जरी शादी पर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हुए। जुला पर फर्जी सिग्नेचर और 17 अलग-अलग PAN नंबर्स इस्तेमाल करने का आरोप है।
ईडी की ये जाँच 1xBet के अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से शुरू हुई, जो दिसंबर 2023 में भारत सरकार द्वारा बैन कर दिया गया था। जाँच एजेंसी ने पाया कि 1xBet ने 6,000 से ज्यादा म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल किया, जिनमें यूजर्स से पैसे इकट्ठा कर उन्हें मल्टीपल पेमेंट गेटवे से घुमाया जाता था। कुल ₹1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की लॉन्ड्रिंग का अनुमान है।
इसी चेन में दिल्ली के इस ड्राइवर का खाता फंस गया। 19 अगस्त 2024 से 16 अप्रैल 2025 तक उसके अकाउंट में अनजान सोर्स से बड़े-बड़े डिपॉजिट आते रहे, जो तुरंत संदिग्ध खातों में ट्रांसफर हो जाते।
ईडी अधिकारियों ने कहा, “ये क्लासिक म्यूल अकाउंट है। असली मालिक को पता भी नहीं चलता, लेकिन कानूनी कार्रवाई का खतरा हमेशा रहता है।” ड्राइवर को शायद कमीशन के लालच में या अनजाने में फँसाया गया।
युवा कॉन्ग्रेसी नेता की शादी में ₹1 करोड़ का खर्च
उदयपुर शादी का कनेक्शन सबसे बड़ा ट्विस्ट है। ताज अरावली रिसॉर्ट में हुई इस ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ पर 1 करोड़ से ज्यादा का खर्च इसी म्यूल अकाउंट से हुआ। ईडी ने पाया कि जुला ने रिसॉर्ट को कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए फर्जी सिग्नेचर इस्तेमाल किए। साथ ही ट्रैवल एजेंट को 18 लाख रुपये कैश और 17 फर्जी PAN नंबर्स दिए, ताकि बुकिंग एडजस्ट हो सके।
गुजरात यूथ कॉन्ग्रेस के अहम चेहरों में से एक है जुला
जुला गुजरात यूथ कॉन्ग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और राहुल गाँधी के करीबी माने जाते हैं। भाजपा आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने सोमवार (01 दिसंबर 2025) को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर इसे हाईलाइट किया। उन्होंने लिखा, “ईडी जाँच में उदयपुर रॉयल वेडिंग का बड़ा खुलासा। रैपिडो ड्राइवर के खाते से 331 करोड़ का ट्रांजेक्शन और अब गुजरात यूथ कॉन्ग्रेस लीडर आदित्य जुला का नाम। फर्जी सिग्नेचर से टाज रिसॉर्ट को कॉन्ट्रैक्ट, 18 लाख कैश और 17 PAN नंबर्स। ये लॉन्ड्रिंग चेन का हिस्सा है।” मालवीय ने जुला की राहुल गाँधी के साथ फोटो भी शेयर की, जो वायरल हो गई।
A major revelation has emerged in the ED probe into the Udaipur royal wedding. The agency had earlier detected a Rs 331 crore transaction from a Rapido driver’s bank account, and now the name of Gujarat Youth Congress leader Aditya Jula has surfaced in the case.
The… pic.twitter.com/CZ5GchqSbi— Amit Malviya (@amitmalviya) December 1, 2025
फिलहाल, ईडी ने जुला को पूछताछ के लिए समन भेजा है और शादी से जुड़े परिवारों की जाँच तेज कर दी है। जाँच में ये भी पता लगाया जा रहा है कि क्या ये शादी लॉन्ड्रिंग का एंडपॉइंट थी या कवर-अप।
कैसे होता है म्यूल अकाउंट्स के जरिए पूरा खेल
म्यूल अकाउंट फ्रॉड का ये केस पूरे देश में फैले साइबर क्राइम का आईना है। म्यूल अकाउंट क्या है? सरल शब्दों में ये वो बैंक खाता होता है जो अपराधी काले धन को घुमाने के लिए ‘किराए’ पर लेते हैं। गरीब या बेरोजगार लोगों को 5-7% कमीशन का लालच देकर आधार, PAN, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स हासिल कर लेते हैं। फिर OTP चुराकर या पासवर्ड से कंट्रोल ले लेते। छोटे ट्रांजेक्शन से शुरू कर बड़े पैसे घुसेड़ते हैं।
ड्राइवर के केस में भी यही पैटर्न दिखा- अनजान सोर्स से डिपॉजिट और तुरंत सारे पैसे ट्रांसफर। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, 1xBet ने ऐसे हजारों अकाउंट्स का नेटवर्क बनाया था। भारत में ऑनलाइन बेटिंग का बाजार 2023 में 1 लाख करोड़ का था, लेकिन ये ज्यादातर अवैध रूप से था। सरकार ने बैन भी लगाया लेकिन लॉन्ड्रिंग चेन शायद अब भी बरकरार है।
कई बड़े सितारे भी लपेटे में
ये पहला केस नहीं। 1xBet जाँच में ही पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन और सुरेश रैना के करोड़ों के एसेट्स अटैच हो चुके हैं। ईडी ने कई क्रिकेटरों और सेलिब्रिटीज से पूछताछ की थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, 1xBet ने सरोगेट ब्रैंडिंग और ऐड्स से भारतीय यूजर्स को टारगेट किया। कुल लॉन्ड्रिंग ₹1,000 करोड़ से ऊपर।
सामने आ चुके हैं म्यूल अकाउंट से जुड़े कई केस
म्यूल अकाउंट से जुड़े कई केस सामने आ चुके हैं। इसी तरह के केस में हैदराबाद में 120 म्यूल अकाउंट्स का गैंग पकड़ा गया था, जिसमें बैंक अफसर भी शामिल थे। वहीं, बेंगलुरु साइबर पुलिस ने गुजरात के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो फेक कंपनियाँ बनाकर डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करता था। सीबीआई ने 8.5 लाख म्यूल अकाउंट्स का पर्दाफाश किया, जिसमें बैंक स्टाफ ने मदद की थी।
इसी तरह वाराणसी के स्लम एरिया में SIM फ्रॉड से लोग फँसाए गए और कश्मीर में 7,000 अकाउंट्स सीज हुए। एक अन्य मामला चाइनीज हैंडलर्स से जुड़ा था, जिसमें 250 करोड़ फ्रॉड में तीन लोग पकड़े गए ते। ये लोग म्यूल अकाउंट्स सप्लाई करते थे। ऐसे ही एक मामले में लखनऊ में ‘युवा ग्लोबल नेटवर्क’ का हिस्सा बने युवा जेल पहुँच चुके हैं, तो मुंबई में 3.81 करोड़ के केस में KYC उल्लंघन केस में भी तीन गिरफ्तार हो चुके हैं।
अपराधियों के जाल में कैसे फँसते हैं आम लोग?
आम आदमी ज्यादातर लालच या अनजान में ऐसे मामलों में फँस जाते हैं। गाँवों और छोटे शहरों में ये ज्यादा होता है। किसी व्यक्ति का फोन आता है, “भाई, खाली खाता इस्तेमाल करेंगे, कमीशन मिलेगा।” और फिर लोग अपनी जानकारियाँ उनके साथ शेयर कर देते हैं। थोड़े से रुपयों यानी कमीशन के लालच में वो ऐसे गिरोह के हाथों फँस जाते हैं, जिसकी वजह से उन्हें जेल की हवा तक खानी पड़ती है। सर्वे बताते हैं कि ग्रामीण भारत में 40% फ्रॉड कमीशन के चक्कर में होते हैं।
ईडी का कहना है, “ये चेन रिएक्शन है। एक म्यूल से पैसे दूसरे में घूमते हैं, ट्रेल गुम हो जाती है।” डिजिटल बैंकिंग के जमाने में रेगुलेटरी होल्स से ये आसान हो गया है।
इस केस से सवाल भी उठ रहे हैं कि एनजीओ फंडिंग से लेकर पॉलिटिकल शादियों तक काला धन कैसे घुसता है। ईडी अब बड़े नेटवर्क की तह तक पहुँच रही है। इस मामले में जुला जैसे नाम आने से राजनीतिक घमासान तेज हो गया हो गया है। बहरहाल, अभी जाँच चल रही है, जो जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इस मामले की व्यापकता सामने आती जाएगी।
