चुनाव आयोग ने गुरुवार (24 जुलाई 2025) को कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के आरोप को निराधार बताया है। दरअसल राहुल गाँधी ने कर्नाटक में मतदाता सूची में गड़बड़ियों का चुनाव आयोग पर इल्जाम लगाते हुए धमकी दी थी।
चुनाव आयोग के साथ PIB फैक्ट चेक ने भी तीखा पलटवार करते हुए कहा कि है उन्हें आधारहीन और झूठे आरोप लगाने से बचना चाहिए। आयोग का कहना है कि कर्नाटक लोकसभा चुनाव 2024 की जिस मतदाता सूची को लेकर पार्टी गड़बड़ी के आरोप लगा रही है, उसपर लोक प्रतिनिधित्व कानून की धारा 24 के तहत मिले अधिकारों को उस समय इस्तेमाल क्यों नहीं किया? कॉन्ग्रेस के उम्मीदवारों को मतदाता सूची को गड़बड़ियों को लेकर जिला और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील करनी चाहिए थी, क्योंकि यह एक वैध कानूनी उपाय था।
#ECIFactCheck
इस सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक और निराधार है
विस्तार में जानने के लिए, नीचे दिए गए इस मुख्य निर्वाचन अधिकारी, कर्नाटक के लिंक को देखिए।https://t.co/TBcX8aUwji
चित्र में विवरण पढ़ेंhttps://t.co/fdiDWMDttL pic.twitter.com/HZ73NxwlJc
— Election Commission of India (@ECISVEEP) July 24, 2025
आयोग ने तथ्य रखते हुए स्पष्ट किया है कि लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया को लेकर दायर 10 चुनाव याचिकाओं में से एक भी चुनाव याचिका किसी भी हारे हुए कॉन्ग्रेस उम्मीदवार द्वारा दायर नहीं की गई, जबकि यह RP अधिनियम 1951 की धारा 80 के तहत उपलब्ध एक कानूनी उपाय था।
रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गाँधी ने कहा था कि कर्नाटक के एक चुनाव क्षेत्र में चुनाव आयोग ने धोखाधड़ी की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा था, “चुनाव आयोग गलतफहमी में न रहे, वोट चोरी करने के आपके हथकंडों के 100 प्रतिशत पुख्ता सुबूत हैं हमारे पास। हम उन्हें सामने भी लाएँगे और आप इसके अंजाम से बच नहीं पाएँगे। लोकतंत्र और संविधान को बर्बाद करने की कोशिश करने वाले बक्शे नहीं जाएँगे।”