भोपाल ड्रग तस्करी केस

भोपाल में ड्रग तस्करी और उससे जुड़े गंभीर अपराधों का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें यासीन मछली, उसके चाचा शाहवर और बड़े मछली कारोबारी सारिक मछली (यह भी यासीन का चाचा है) जैसे लोग शामिल हैं। ये लोग न सिर्फ ड्रग्स का धंधा चला रहे थे, बल्कि हिंदू लड़कियों का शारीरिक शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने जैसे घिनौने काम भी कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार, यासीन मछली और उसके चाचा शाहवर भोपाल में ड्रग्स का बड़ा कारोबार चला रहे थे। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे मुंबई, राजस्थान और पंजाब से चरस और अन्य ड्रग्स लाते थे। राजस्थान से सड़क के रास्ते ड्रग्स भोपाल पहुँचाए जाते थे। फिर इन्हें शहर के पब, लाउंज और पार्टियों में खास ग्राहकों तक पहुँचाया जाता था।

ये लोग ड्रग्स की डिलीवरी के लिए कई बार हिंदू लड़कियों का इस्तेमाल करते थे। इन लड़कियों को ड्रग्स फ्री में दिए जाते थे, ताकि वे इस काम में शामिल हो जाएँ।

पुलिस को यह भी पता चला कि यासीन और शाहवर का पंजाब के ड्रग तस्करों से भी सीधा कनेक्शन था। शुक्रवार (25 जुलाई 2025) को पुलिस ने शाहवर को तलैया थाने से बुधवारा तक जुलूस निकालकर ले गई, ताकि लोग इनके कारनामों को जान सकें।

उसी दिन यासीन को पुलिस राजस्थान ले गई, जहाँ से और भी अहम जानकारी सामने आई। शाहवर को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे दो दिन की रिमांड पर लिया गया। पुलिस ने इन दोनों की निशानदेही पर आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ चल रही है।

क्राइम ब्रांच ने यासीन के मोबाइल से मिले सबूतों के आधार पर मोहित बघेल और गौरव चौहान नाम के दो लोगों को भी हिरासत में लिया। यासीन के फोन में गौरव का एक वीडियो मिला, जिसमें वह शराब पीकर झूम रहा था। पुलिस ने इन दोनों से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की, लेकिन अभी तक इन्होंने ड्रग तस्करी से जुड़ी कोई खास जानकारी नहीं दी।

हिंदू लड़कियों का शोषण

इस मामले में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि यासीन और शाहवर ड्रग्स का इस्तेमाल हिंदू लड़कियों का शारीरिक शोषण करने के लिए करते थे। ये लोग पहले लड़कियों को फ्री में ड्रग्स देकर उनकी लत लगाते थे। फिर उन पर शारीरिक संबंध बनाने और धर्म बदलने का दबाव डालते थे। एक पीड़ित युवक ने तलैया थाने में शिकायत की कि यासीन और उसके साथियों ने उसे बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा था। डर की वजह से उसने पहले शिकायत नहीं की थी।

सारिक मछली पर दुष्कर्म का आरोप

यासीन का चाचा और भोपाल का बड़ा मछली कारोबारी सारिक मछली भी इस मामले में फँस गया है। बागसेवनिया की एक युवती ने पिपलानी थाने में सारिक पर दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया। युवती ने बताया कि सारिक का एक गुंडा, दिव्यांश अहिरवार, मैनिट का स्टूडेंट बनकर उससे कोचिंग में मिला और दोस्ती की। एक दिन उसने घर छोड़ने के बहाने उसे क्लब-90 ले जाकर उसका रेप किया।

युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि दिव्यांश ने उसे सारिक मछली से मिलवाया। दिव्यांश ने उस पर दबाव डाला कि वह सारिक और उसके साथियों के साथ दोस्ती करे और उन्हें खुश करे। पीड़िता का कहना है कि सारिक के दबाव में पिपलानी थाना पुलिस ने पहले उसकी शिकायत पर दुष्कर्म का केस दर्ज नहीं किया। बाद में एक ब्लैंक कागज पर उसके हस्ताक्षर करवाकर ऐसी FIR दर्ज की गई, जिससे दिव्यांश को आसानी से जमानत मिल गई।

वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग

युवती ने यह भी खुलासा किया कि सारिक के गुंडे हिंदू लड़कियों का शारीरिक शोषण करते थे और क्लब में उनके अश्लील वीडियो बनाते थे। इन वीडियोज को वायरल करने की धमकी देकर उन्हें बार-बार शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था।

पीड़िता ने बताया कि दिव्यांश ने उसे रामकृपाल मेहरा, अविनाश आनंद, मोहित बघेल, साहिल जैसे कई लोगों से मिलवाया। इन लोगों ने उसका अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद पुलिस को शिकायत दर्ज करनी पड़ी।

बता दें कि कुछ दिन पहले भोपाल पुलिस ने सैफुद्दीन और शाहरुख नाम के दो ड्रग पेडलरों को पकड़ा था। दोनों भोपाल के क्लबों और पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई करते थे। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे पार्टी, क्लब और जिम के माध्यम से युवाओं को फिटनेस और पार्टी कल्चर के नाम पर ड्रग्स की लत लगाते थे।

दोनों ने पुलिस को बताया कि यहाँ संपन्न घरों की हिंदू लड़कियों को पहले फ्री में नशा करवा कर उनका शोषण किया जाता था। जब युवतियाँ नशे की गिरफ्त में आ जाती थीं, तब उन्हें ड्रग्स के बदले शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था।

यह पूरा मामला भोपाल में ड्रग तस्करी और उससे जुड़े अपराधों का एक काला सच सामने लाता है। यासीन मछली, शाहवर और सारिक मछली जैसे लोग न सिर्फ ड्रग्स का धंधा चला रहे थे, बल्कि हिंदू लड़कियों का शारीरिक और मानसिक शोषण भी कर रहे थे।

पुलिस इस मामले में गहराई से जाँच कर रही है और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि हमें अपने आसपास हो रही ऐसी गतिविधियों पर नजर रखनी होगी और समय रहते पुलिस को सूचित करना होगा।

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