ग्लोबल साउथ में पहली बार दिल्ली में हो रहे एआई इंपैक्ट समिट को लेकर एएनआई से खास बातचीत में पीएम मोदी ने विकसित भारत का विजन और एआई की भूमिका से लेकर सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की बात कही।
उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों, मंत्रियों, वैश्विक प्रौद्योगिकी के नेताओं और उद्योग जगत एक साथ लाता है, ताकि समावेशी विकास को बढ़ावा देने, सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करने और सतत विकास को सक्षम बनाने में एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत को एआई के टॉप 3 देशों में शामिल होना चाहिए। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि एआई को मानव-केंद्रित रहते हुए वैश्विक विकास को गति देना चाहिए।
पीएम मोदी ने खास बातचीत में विजन 2047 में एआई के योगदान, समावेशी समाज, मानव कल्याण और एमएसएमई के विकास से लेकर रोजगार और एआई से डरने नहीं बल्कि तैयारी के साथ उसका इस्तेमाल कैसे करना है इस पर भी अपनी बात कही।
भारत को टॉप 3 देशों में एक होना चाहिए
आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहे भारत को केवल टेक्नोलॉजी उपभोक्ता बन कर नहीं रहना है बल्कि टेक्नोलॉजी क्रिएटर भी बनना है। पीएम मोदी ने कहा कि एआई का विजन संप्रभुता, समावेशी समाज और इनोवेशन पर आधारित है। भारत के एआई मॉडल आने वाले वर्षों में दुनियाभर में धूम मचाएँगे। एआई से कार्य करने में सटीकता आएगी और युवकों को हाईक्वालिटी जॉब मिलेगा यानी रोजगार के क्षेत्र में भी एआई क्रांति लाने वाला है। पीएम मोदी ने कहा, “भारत को दुनिया की टॉप तीन AI सुपरपावर में से एक होना चाहिए।”
“We remain committed to strengthening every effort by our talented youth to make AI a force-multiplier for innovation and inclusion. The Union Budget 2026–27 reinforces this vision,” says PM Modi to ANI. pic.twitter.com/vXXipyq5eN
— ANI (@ANI) February 17, 2026
उन्होंने कहा, “यह AI ही है जो सच में नागरिकों को सशक्त बनाता है और 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा को तेज़ करेगा और ग्लोबल साउथ के लिए एक स्केलेबल मॉडल देता है।”
गवर्नेंस में एआई का बेहतर इस्तेमाल संभव
स्टार्टअप, रिसर्च इंस्टिट्यूट और टेक्नोलॉजी का पूरा इकोसिस्टम ऐसे एआई सॉल्यूशन विकसित कर सकते हैं, जो विनिर्माण से लेकर गवर्नेंस तक को बेहतर बना सकता है। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि देश को नई दिशा मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत की युवा शक्ति ऐसा एआई सॉल्यूशन बना सकते हैं, जो किसानों, महिलाओं, छोटे और मंझोले उद्योगपतियों के लिए मददगार साबित होगा। केन्द्रीय बजट में भी इस विजन को रखा गया है।
“As the first global AI summit is hosted in the Global South, India is creating a platform that amplifies under-represented voices and development priorities,” says PM Modi to ANI. pic.twitter.com/bds85y5zEA
— ANI (@ANI) February 17, 2026
वैश्विक विकास में सहायक होगा एआई
पीएम मोदी ने कहा, “हमारा विजन साफ है, AI को पूरी तरह से मानव-केंद्रित रहते हुए वैश्विक विकास को गति देनी चाहिए।” यह दुनिया को नई दिशा दिखा सकता है। उन्होने कहा कि इससे डरने के बजाए इसको लेकर तैयारी की जानी चाहिए। इसलिए हम AI से चलने वाले भविष्य के लिए अपने लोगों को स्किलिंग और री-स्किलिंग में इन्वेस्ट कर रहे हैं।
जॉब मार्केट में AI से होने वाली रुकावटों के डर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “तैयारी डर का सबसे अच्छा इलाज है। इसीलिए हम AI से चलने वाले भविष्य के लिए अपने लोगों की स्किलिंग और री-स्किलिंग में इन्वेस्ट कर रहे हैं।”
भारत को सिर्फ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए बल्कि उसे क्रिएट भी करना चाहिए। AI में आत्मनिर्भर भारत का मतलब है कि भारत डिजिटल सेंचुरी के लिए अपना कोड खुद लिखे। चूंकि पहला ग्लोबल AI समिट ग्लोबल साउथ में हो रहा है, भारत एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना रहा है जो कम प्रतिनिधित्व वाली आवाजों और डेवलपमेंट प्रायोरिटीज को बढ़ावा देगा।
भारत का IT सेक्टर 2030 तक करीब ₹3300 करोड़ तक पहुँच सकता है
एआई मार्केट प्रोजेक्शन दिखाते हैं कि भारत का एआई सेक्टर तेजी से आगे बढ़ेगा। 2025 में इंडिया AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट को लॉन्च किया गया। भारत ने AI सिस्टम के एथिकल, सेफ और जिम्मेदार डिप्लॉयमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक मैकेनिज्म तैयार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ANI से कहा, “AI बाजार के अनुमान बताते हैं कि भारत का IT सेक्टर 2030 तक 400 बिलियन डॉलर यानी ₹3300 करोड़ तक पहुँच सकता है, जो AI-सक्षम आउटसोर्सिंग और डोमेन-विशिष्ट स्वचालन की नई लहरों से प्रेरित होगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ANI से कहा, “AI बाजार के अनुमान बताते हैं कि भारत का IT सेक्टर 2030 तक 400 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जो AI-सक्षम आउटसोर्सिंग और डोमेन-विशिष्ट स्वचालन की नई लहरों से प्रेरित होगा।” pic.twitter.com/fTqwHlKUQ6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 17, 2026
AI एक सिविलाइज़ेशनल इन्फ्लेक्शन पॉइंट पर है- पीएम
PM मोदी ने मानव-केंद्रित इनोवेशन का आह्वान करते हुए कहा कि AI एक सिविलाइजेशनल इन्फ्लेक्शन पॉइंट पर है। यह इंसान की क्षमता में जबरदस्त इजाफा कर सकता है। लेकिन अगर इसे बिना दिशानिर्देश के छोड़ दिया जाए, तो ये सामाजिक संरचना को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए इंडिया एआई समिट को ‘इम्पैक्ट’ के साथ जोड़ा गया, ताकि इनोवेशन ही नहीं जिम्मेदारी के साथ इक्विटेबल आउटकम भी मिले।
‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ को चरितार्थ करे। टेक्नोलॉजी इंसानियत की सेवा के लिए है, इंसान की जगह नहीं ले सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना भारत के सभ्यतागत दर्शन का प्रतिबिंब है। तकनीक का अंतिम लक्ष्य ‘सबका कल्याण और सबकी प्रसन्नता’ होना चाहिए।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ANI से कहा, “यह AI ही है जो सच में नागरिकों को सशक्त बनाता है और 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा को तेज करेगा और ग्लोबल साउथ के लिए एक स्केलेबल मॉडल देता है।”
प्रधानमंत्री का विजन एआई को लेकर साफ है कि जीवन के हर क्षेत्र में इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। मानव कल्याण इसका उद्देश्य होना चाहिए, गुड गवर्नेंस से लेकर एमएसएमई तक का मददगार होना चाहिए। युवाओं को इसमें आगे आकर नए इनोवेशन पूरी जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। पीएम ने कहा है कि ऐसे युवाओं की मदद के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है।












