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बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथियों का कहर, दो दिन में दो हिंदुओं की सरेआम हत्या: एक पर चढ़ाई कार तो दूसरे की फावड़े से पीट-पीटकर ली जान


लिटन चंद्र घोष (बाएँ) और रिपन साहा (दाएँ)

बांग्लादेश में हिंदुओं का जीना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। बांग्लादेश में एक ही दिन में इस्लामी कट्टरपंथियों ने दो हिंदुओं की हत्या कर दी है। राजबाड़ी जिले में शुक्रवार (16 जनवरी 2026) हिंदू युवक की जानबूझकर गाड़ी से कुचलकर हत्या की गई तो वहीं गाजीपुर जिले में शनिवार (17 जनवरी 2026) को एक हिंदू कारोबारी लिटन चंद्र घोष उर्फ काली की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के वक्त लिटन चंद्र अपनी मिठाई की दुकान में काम करने वाले नाबालिग कर्मचारी को बचाने की कोशिश कर रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लिटन चंद्र नगरपालिका इलाके के पास बरनगर रोड पर अपनी मिठाई की दुकान चलाते थे। शनिवार सुबह सुबह करीब 11 बजे मसूम मिया एक दुकान पर पहुँचा, जहाँ किसी मामूली बात को लेकर उसका दुकान में काम करने वाले 17 साल के कर्मचारी अनंत दास से विवाद हो गया। शुरुआत में हुई कहासुनी कुछ ही पलों में मारपीट में बदल गई। हालात उस वक्त और भड़क गए जब मसूम मिया के माता-पिता मोहम्मद स्वपन मिया और मजीदा खातून भी मौके पर पहुँच गए और झगड़े में कूद पड़े।

जब दुकान मालिक लिटन चंद्र घोष ने बीच-बचाव कर अपने नाबालिग कर्मचारी को बचाने की कोशिश की, तो गुस्साए हमलावरों ने उन्हें ही निशाना बना लिया। पुलिस के अनुसार, झगड़े के दौरान लिटन चंद्र घोष के सिर पर फावड़े से जोरदार वार किया गया। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मामूली विवाद में एक निर्दोष दुकानदार की जान चले जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तीनों आरोपितों को मौके पर ही पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। कलिगंज थाने के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद जाकिर हुसैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों आरोपित पुलिस हिरासत में हैं। 2024 में शेख हसीना का तख्तापलट और मोहम्मद युनूस का राज आने के बाद से देश में इस्लामी संगठनों की कट्टरता बढ़ती ही जा रही है और अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएँ भी तेज हुई हैं।

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