नेपाल के जनकपुर में मूर्ति विसर्जन यात्रा के दौरान मुस्लिम भीड़ ने भगवान गणेश की प्रतिमा पर पथराव किया। यात्रा जब मुस्लिम बहुल इलाके से निकली तो मुस्लिम भीड़ ने सड़क पर जाम लगाकर रोकने की भी कोशिश की। घटना के बाद इलाके में कर्फ्यू लगाया गया है।
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पथराव रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। स्थिति नियंत्रण करने के लिए 200 नेपाली पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस के अनुसार, घटना में दो स्थानीय लोग घायल हो गए हैं। वहीं एक को मामूली चोटें आई हैं।
Curfew announced in Janakpur after muslim attacked hindus with stones in murti bisarjan yatra
Please tell the solution of this hatred filled stone throwing community
I, Nepali hindu, want my Nepal peaceful 🇳🇵🕊️ pic.twitter.com/tnMQbUnjG7
— Raghav Mudvari ⚔️🇳🇵 (@Nepali_Comrade) August 30, 2025
क्या है मामला ?
नेपाल में हिंदू समुदाय के लोग भगवान गणेश की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा निकाल रहे थे। यात्रा जनकपुरधाम के वार्ड नंबर 20 स्थित देवपुरा-रुपैठा से शुरू हुई, जो मुस्लिम बहुल बस्ती काशीभुई में बने तालाब की ओर प्रस्थान कर रही थी। रास्ते में देवपुरा-रुपैथा के झंडा चौक पर मुस्लिम भीड़ ने यात्रा को निशाना बनाया।
मुस्लिम भीड़ ने पहले विसर्जन यात्रा को रोकने की कोशिश की। सड़क को घेर लिया गया। इसके चलते दोनों समुदायों के बीच झड़प हुई। तभी मुस्लिम भीड़ की ओर से गणेश प्रतिमा पर पत्थर फेंके गए। मामला इतना बिगड़ गया कि पुलिस मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुँची।
इलाके में तनाव का माहौल, पुलिस की कड़ी सुरक्षा
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को काबू करने के लिए आँसू गैस के 9 गोले दागे। पुलिस उपाधीक्षक और धनुषा जिला पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों समुदायों के बीच झड़प को रोकने के लिए आँसू गैस के गोले दागे गए।
DCP सिंह ने बताया कि घटना में मची भगदड़ में दो स्थानीय लोग घायल हो गए हैं और एक को हल्की चोट आई हैं। सभी घायलों को जरूरी सहायता दे दी गई है। वहीं इलाके में अब भी तनाव का माहौल है।
उन्होंने बताया कि जनकपुरधाम से देवपुरा-रुपैथा और जटही से जनकपुरधाम जाने वाली सड़क के दोनों ओर कड़ी सुरक्षा रखी जा रही है। लगभग 200 नेपाली पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल तैनात किया गया है।
देवी दुर्गा की मूर्ति को हटाने पर हर साल होता है विवाद
नेपाल में हिंदू त्योहारों में मुस्लिम भीड़ द्वारा हिंसा की खबरें सामने आती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले देवी दुर्गा की मूर्ति हटाने पर विवाद हुआ करता था। इस बार भगवान गणेश की मूर्ति हटाने के दौरान भी यही हुआ।
लोगों ने कहा कि सतर्क रहना जरूरी है क्योंकि समाज के हानिकारक तत्व हर साल धर्म के नाम पर सामाजिक अशांति और सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनकपुरीधाम में हर साल देवी दुर्गा की मूर्ति हटाने को लेकर इस्लामी कट्टरपंथी विवाद करते हैं, जिसका अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। यही कारण है कि हर साल मुस्लिम भीड़ हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमा पर हमला करते हैं।
नेपाल में हिंदू देवी-देवताओं को कई बार बनाया गया निशाना
नेपाल में आए दिन हिंदू देवी-देवताओं को निशाना बनाया जाता है। हाल ही में अप्रैल 2025 में नेपाल के बिरगुंज में हनुमान जयंती की शोभा यात्रा को निशाना बनाया गया था। जब मुस्लिम भीड़ ने शोभा यात्रा पर पथराव किया। विवाद में पुलिस समेत काफी लोग घायल हुए थे। घटना के बाद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया था।
रौतहट जिले में सरस्वती प्रतिमा की विसर्जन यात्रा में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था। यात्रा जब मस्जिद के पास पहुँची तो मुस्लिम भीड़ ने यात्रा पर पथराव किया। इस दौरान भगवान राम के चित्र वाले भगवा ध्वज को नोंचकर गटर में फेंक दिया गया। यहाँ भी कर्फ्यू लगाया गया था।