गाजियाबाद फर्जी दूतावास मामले के आरोपित हर्षवर्धन जैन को लेकर अब एक नया खुलासा हुआ है। जाँच में सामने आया है कि हर्षवर्धन पिछले करीब 10 सालों में 53 बार दुबई जा चुका है। पूछताछ में पता चला है कि वह 30 से अधिक देशों की यात्रा कर चुका है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को हर्षवर्धन के पास से कई डिप्लोमैटिक पासपोर्ट बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि वह खुद को अलग-अलग देशों का राजदूत बताता था और अधिकारियों से अपना भौकाल बनाता था।
रिपोर्ट के मुताबिक उसने यूके, यूएई, मॉरीशस, फ्रांस, कैमरून, स्विट्ज़रलैंड, पोलैंड, श्रीलंका, बेल्जियम देशों की यात्रा की है। उसके पिता राजस्थान के प्रभावशाली कारोबारियों में से एक थे। उनकी मौत के बाद हर्षवर्धन से पिता का कारोबार नहीं संभल सका और नुकसान की भरपाई के लिए उसने फ्रॉड करना शुरू कर दिया।
अपनी आलीशान कोठी में फर्जी दूतावास खोलने के बाद वह खुद को वेस्ट आर्टिका और सेबोर्गा, पोल्बिया, लोडोनिया जैसे अज्ञात देशों का राजदूत कहता था। क्योंकि वह राजयनिक नंबर प्लेट लगी लग्जरी गाड़ियों से चलता था, इसलिए उसकी धोखाधड़ी का कोई सुराग भी नहीं मिल पाता था।
नई जानकारी के अनुसार, इस मामले में यूपी STF की तरफ से अब हर्षवर्धन के एक साथी एहसान अली का नाम शुक्रवार (25 जुलाई 2025) को सामने आया है। उसने हर्षवर्धन के साथ मिलकर कई शेल कंपनियाँ बनाई और फिर लोन लेकर फरार हो गया था।
अब STF को पता चला है कि एहसान स्विट्जरलैंड के लेक ल्यूसर्न पर एक आलीशान फ्लैट का मालिक है। वह एक स्पैनिश फुटबॉल क्लब का भी हिस्सा है। हर्षवर्धन के साथ ही वह भी महँगी कारों का शौक रखता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एहसान अली सैयद पर एडवांस मनी के रूप में धोखाधड़ी के जरिए 2.5 करोड़ पाउंड हड़पने के बाद उसे फिजूल खर्च करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ कई देशो में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं और वहाँ की एजेंसियाँ भी उसकी तलाश कर रही हैं।
हैदराबाद का एहसान टर्किश की नागरिकता लेकर लंदन में बैठ कर हर्षवर्धन के साथ मिला हुआ था। दोनों कई सालों से अलग-अलग देशों में शेल कंपनियों का नाम लेकर करोड़ों की ठगी कर रहे थे। STF को हर्षवर्धन जैन के विदेशों में 10 बैंक खातों की भी जानकारी मिली है। इसके तहत उनमें हुए ट्रांजेक्शन का ब्योरा बैंकों से माँगा जाएगा।
STF एसपी राजकुमार मिश्रा का कहना है कि दोनों की संलिप्तता और पूरे मामले की जाँच की जा रही है। जाँच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।