तेजस्वी यादव

बिहार में वोटर लिस्ट के रिवीजन को लेकर विपक्ष का बवाल चालू है। RJD नेता तेजस्वी यादव से लेकर TMC की सागरिका घोष तक लगातार चुनाव प्रक्रिया को लेकर फर्जी दावर दावे कर रही हैं। चुनाव आयोग ने अब उनका फैक्ट चेक किया है।

तेजस्वी यादव की खोली EC ने पोल

राजद सुप्रीमो लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने बिहार में चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट सही करने की प्रक्रिया को ‘चीरहरण’ करार दिया। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में बिना दस्तावेज और सत्यापन के फर्जी फॉर्म भरवाए जा रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि बिना पूरी जानकारी के मौखिक निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि फर्जी हस्ताक्षर और निरक्षर बताकर किसी भी कर्मचारी से अंगूठा लगावाया जा रहा है। उन्होंने वोटर लिस्ट में बिना वोटर को बताए जानकारी अपलोड करने का दावा भी किया।

तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि BLO से एक-एक दिन में 10 हजार फॉर्म तक भरवाए जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव के इन दावों का फैक्ट चेक कर दिया।

चुनाव आयोग ने बताया कि तेजस्वी की पोस्ट में किए दावे ‘भ्रामक’ हैं। आयोग ने बताया, “राष्ट्रीय जनता दल ने स्वयं SIR के काम के लिए 47,504 बूथ लेवल एजेंट्स अप्वॉइंट किए हैं, जो कि SIR के लिए जमीनी स्तर पर तत्परता से कार्य कर रहे हैं। SIR सुचारू रूप से चल रहा है, कुल 4 करोड़ (50%) के करीब फॉर्म अभी तक कलेक्ट किए जा चुके हैं।”

सागरिका घोष ने चलाया ‘गरीब’ वाला प्रोपेगेंडा

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद सागरिका घोष ने भी चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर भ्रामक जानकारी दी। सागरिका घोष ने दावा किया कि बिहार में चुनाव आयोग ‘गरीबों’ का वोट छीन रहा है। उनकी पार्टी ने भी इस चुनावी प्रक्रिया का विरोध किया।

पार्टी ने माँग की कि पुनरीक्षण प्रक्रिया 2003 के बजाए 2024 के आधार पर की जाए। टीएमसी ने इसमें बीजेपी को घसीटा। पार्टी ने कहा, “विपक्ष शासित राज्यों की व्यवस्था में हेराफेरी करने के लिए चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का आदतन दुरुपयोग किया जाता है। हम लोकतंत्र को बीजेपी का खिलौना नहीं बनने देंगे।”

लेकिन इस दावे को भी चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया। चुनाव आयोग ने गरीबों से वोट छीनने के अधिकार वाले दावे को भ्रामक करार दिया। चुनाव आयोग ने फैक्ट-चेक में TMC और सागरिका घोष को तथ्यों की जानकारी दी।

चुनाव आयोग ने बताया कि SIR निर्देशों में पहले पन्ने के दूसरे पैराग्राफ के अनुसार, किसी भी योग्य नागरिक (RPA, 1950 की धारा 16 और 19 के साथ भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार) को नहीं छोड़ा जाएगा। 8 जुलाई 2025 तक, 47% के करीब और 3.70 करोड़ से अधिक लोग गणना प्रपत्र फॉर्म सबमिट कर भी चुके हैं।

RJD सांसद मजोज मनोज झा भी हुआ फैक्ट चेक

RJD के राज्यसभा MP मनोज कुमार झा ने भी चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि आयोग उन्हें मिलने का समय नहीं दे रहा है। इसका फैक्ट चेक चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया बताते हुए कर दिया।

चुनाव आयोग ने बताया कि वह अब तक 9 पार्टियों से इस मामले में संवाद कर चुका है। उसने यह भी बताया कि राजद की तरफ से ही मनोज झा को अधिकृत नहीं किया गया है।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 2 जुलाई 2025 को राजद ने मनोज झा को बैठक में भेजा था, जिसमें उनकी चुनाव आयोग से बातचीत भी हुई थी।

RJD ने वॉईस रिकॉर्डिंग से फैलाया भ्रम

नेताओं के अलावा RJD ने भी चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर एक ट्वीट किया। इसमें एक जिलाधिकारी की कथित वॉईस रिकॉर्डिंग सुनाई गई, जिसमे कई दावे किए गए। इस रिकॉर्डिंग में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ निर्देश कथित तौर पर दिए जा रहे थे। RJD ने दावा किया कि सारी प्रक्रिया गड़बड़ की जा रही है।

इस दावे बिहार के बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भ्रामक करार दिया। फैक्ट-चेक में बताया गया कि डीएम की कथित वॉइस रिकॉर्डिंग में जो बातें कही गई हैं, यह सारी बातें पहले से ही SIR में शामिल हैं। इसके लिए कोई भी नए निर्देश नहीं दिए गए हैं।



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