तमिलनाडु के मदुरै जिला के पेरैयूर तालुक के थुम्मनायक्कनपट्टी गाँव में करीब 300 साल पुराने विनायगर और करुप्पन्नास्वामी मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गाँव के कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग मंदिर के नवीनीकरण का विरोध करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह मंदिर करीब 2 एकड़ 40 सेंट जमीन में फैला हुआ है और इसका प्रबंधन पारंपरिक ट्रस्टियों तथा हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (HR&CE), तमिलनाडु द्वारा किया जाता है।
मंदिर प्रशासन को नवीनीकरण के लिए राज्य और जिला विशेषज्ञ समितियों से मंजूरी मिल चुकी है। इससे पहले सकुल हमीद नाम के व्यक्ति ने मंदिर के जीर्णोद्धार के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच में याचिका दायर की थी।
हालाँकि इस साल जनवरी में हाईकोर्ट ने मंदिर के नवीनीकरण की अनुमति दे दी। बाद में मंदिर प्रशासन ने काम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस संरक्षण की माँग की, जिस पर अदालत ने पुलिस को सुरक्षा देने का निर्देश भी दिया।
मंदिर के वंशानुगत ट्रस्टी महेश्वरन और गाँव के लोगों ने मदुरै पुलिस से भी कुंभाभिषेकम तक सुरक्षा देने की माँग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के पास करीब 100 साल पहले एक मस्जिद बनाई गई थी।
जब मंदिर के नवीनीकरण का काम शुरू करने की कोशिश हुई तो कुछ मुस्लिम लोग मंदिर परिसर में पहुँचकर विरोध करने लगे और मंदिर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की माँग करने लगे। पुलिस समझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विरोध अभी भी जारी है।
