गृह मंत्री शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि कॉन्ग्रेस वोट बैंक बचाने के लिए पाकिस्तान और लश्कर-ए-तैयबा तक का समर्थन भी करेगी। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर कॉन्ग्रेस नेता पी चिदंबरम के प्रश्नों को लेकर भी जम कर सुनाया। गृह मंत्री अमित शाह ने कॉन्ग्रेस की ऐतिहासिक गलतियाँ भी गिनाईं। यह सब बातें उन्होंने राज्यसभा में बुधवार (30 जुलाई, 2025) को अपन वक्तव्य में कहीं। उन्होंने इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले के बदले के बारे में भी बात की।

गृह मंत्री शाह के बयान से पहले विपक्ष ने काफी हंगामा मचाया और कहा कि प्रधानमंत्री जवाब दें। हालाँकि, इस पर सुबह ही बात तय हो चुकी थी। विपक्ष ने हंगामा मचाने के बाद राज्यसभा से वॉकआउट भी कर दिया। गृह मंत्री शाह ने इस पर हमला बोला और कहा, “विपक्ष वालों ने सालों से वोटबैंक बचाने के चक्कर में आतंकवाद के खिलाफ कुछ नहीं किया, इसलिए इनसे जवाब नहीं सुना जाएगा”

उन्होंने ऑपरेशन महादेव के विषय में भी बताया, जिसमे पहलगाम हमला करने वाले तीन आतंकी सुलेमान, जिब्रान और अफगान मारे गए थे। उन्होंने बताया, “आतंकियों की डेड बॉडी की पहचान उनके 2 मददगारों और उनकी माँ ने भी की है… तीनों लोगो ने कहा है कि यही आतंकी थे जो 21 अप्रैल को यहाँ ढोक में आए थे और खाना लेकर गए थे।”

गृह मंत्री शाह ने इस ऑपरेशन पर एक और बात बताई। उन्होंने कहा, “मुझे मैसेज आए थे कि इन आतंकियों को जब भी मारें, सिर में गोली मारें। संयोग है कि इन तीनों के एनकाउंटर में सिर में ही गोली लगी है।” उन्होंने इसके बाद उन लोगों पर प्रश्न उठाए जो इस ऑपरेशन को लेकर शोर मचा रहे थे। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेता पी चिदंबरम को भी घेरा।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी की मानसिकता पूरी दुनिया के सामने चिदंबरम साहब ने उजागर कर दी कि वोट बैंक के लिए हम पाकिस्तान का समर्थन करते हुए भी नहीं डरेंगे, हमारी वोट बैंक के लिए लश्कर ए तैयबा को बचाने के लिए भी नहीं डरेंगे और हमारी वोट बैंक के लिए हम आतंकियों को शाब्दिक शेल्टर भी देंगे।”

उन्होंने कॉन्ग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा, “कॉन्ग्रेस की प्राथमिकता देश की सुरक्षा नहीं है, राजनीति है। इनकी प्राथमिकता आतंकवाद को समाप्त करना नहीं है, अपनी वोट बैंक है। इनकी प्राथमिकता हमारी सीमा की सुरक्षा नहीं है, सेक्यूलर और तुष्टिकरण की राजनीति है।”

POK को लेकर भी उन्होंने स्टैंड स्पष्ट कर दिया। गृह मंत्री शाह ने कहा,”मैं कॉन्ग्रेस को कहना चाहता हूँ पाकिस्तान को पाक अधिकृत कश्मीर आपने दिया था, लेकिन वापस लेने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार करेगी।” गृह मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर भी बात की और कॉन्ग्रेस पर प्रश्न उठाए।

उन्होंने कहा, “चिदंबरम जी कहते हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ निर्णायक नहीं है… 1965 की लड़ाई निर्णायक थी क्या, 1971 की लड़ाई निर्णायक थी क्या, तो फिर आंतक क्यों फैला।” गृह मंत्री ने यह भी कहा कि 30 साल तक भाजपा की सरकार रहेगी, इसकी आदत डाल लेनी चाहिए।

गृह मंत्री शाह ने 2008 में 26/11 हमले पर कॉन्ग्रेस सरकार के एक्शन ना लेने पर भी निशाना साधा। गृह मंत्री ने कहा, “कॉन्ग्रेस की सरकार होती तो हमले के बाद पाकिस्तान को तुरंत क्लीन चिट मिल जाती, रक्षा मंत्रालय की जगह विदेश मंत्रालय काम करता… रातों रात डोजियर तैयार होता, डोजियर वहाँ भेज कर चर्चा करते सरम-अल-शेख की।”

गृह मंत्री शाह ने यह भी प्रश्न उठाया कि कॉन्ग्रेस राज में दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन जैसे अपराधी भागे और इस पर कोई जवाब नहीं है। गृह मंत्री ने इससे पहले लोकसभा में भी इस मामले पर जवाब दिया था और कॉन्ग्रेस को घेरा था।



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