धर्मांतरण गैंग के साजिशकर्ता जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और नीतू रोहरा उर्फ नसरीन गिरफ्तार

धर्म परिवर्तन का नेटवर्क चलाने वाला छांगुर पीर गर्लफ्रेंड नसरीन के साथ 70 दिन होटल में ठहरा। लखनऊ के इसी होटल से UPATS ने दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों यहाँ पति-पत्नी बनकर रह रहे थे। होटल के कमरे से छांगुर पीर हिंदुओं का धर्म परिवर्तन और लव जिहाद करवाते थे। नसरीन वही है, जिसका नाम अब तक नीतू नवीन रोहरा बताया गया था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, छांगुर पीर और नसरीन 16 अप्रैल 2025 से लखनऊ के विकास नगर स्थित स्टार रूम्स होटल में रुके हुए थे। पहले दोनों कमरा नंबर 102 में 4 दिन तक ठहरे। इसके बाद पाँचवे दिन कमरा नंबर 104 में बाकी दिन बिताए।

जाँच अधिकारियों ने बताया कि पहले 4 दिन उन्होंने होटल का माहौल भांपा और सुरक्षित पाने के बाद धर्मांतरण का नेटवर्क यहीं से चलाने का फैसला लिया। उधर, होटल के कर्मचारियों और UPATS के अधिकारियों ने बताया कि छांगुर पीर और नसरीन के बीच अवैध संबंध थे। दोनों कमरे से बहुत कम बाहर निकला करते थे। होटल से ही खाना ऑर्डर कर खाते थे।

नीतू का धर्म परिवर्तन कराया, नाम बदलकर नसरीन रखा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नीतू नवीन रोहरा और उसके पति नवीन रोहरा पहले सिंधी थे। उनका धर्मांतरण छांगुर पीर पहले ही करा चुके थे। साथ ही उनकी नाबालिग बेटी को भी इस्लाम में परवर्तित किया गया। नीतू नवीन रोहरा का नाम बदलकर नसरीन रख दिया। तीनों बलरामपुर में छांगुर पीर के पास ही रहते थे।

अब नसरीन और नवीन दोनों पति-पत्नी ही छांगुर पीर का नेटवर्क संभालते थे। जहाँ छांगुर पीर कीपैड मोबाइल फोन लेकर चलता था। वहीं, नसरीन के पास टच वाला फोन था, जिससे वह धर्मांतरण के खेल को अंजाम देती थी। नसरीन का पति नवीन छांगुर पीर और नसरीन को लग्जरी गाड़ियों में लेकर चलता था।

सामाजिक संगठन के नाम पर फंड ऐंठता था

छांगुर पीर ने धर्मांतरण का नेटवर्क बड़े स्तर पर फैलाया हुआ था। इसके लिए विदेशों से फंडिंग की जा रही थी। अब सामने आया है कि वह सामाजिंक संगठनों के नाम पर बैंक में खाता खुलवाता था। इसमें चंदा जुटाने और उसे विदेश भेजने के लिए इन संगठनों का इस्तेमाल करता था।

जानकारी के मुताबिक, छांगुर ने आस्वी इंटरप्राइजेज, आस्वी चैरिटेबल ट्रस्ट, आसिपिया हसनी हुसैनी कलेक्शन, बाबा ताजुद्दीन आस्वी बुटीक जैसी संस्थाओं पर कागज बनवाए। दो बैंकों में इन संस्थाओं के आठ खाते खुलवाए।

इनमें से एक बैंक खाते से विदेशी खाते में ₹6 लाख रुपए जमा किए। इसके अलावा NEFT के माध्यम से इस्लाम ₹10 लाख जमा किए। वहीं, छांगुर अपने नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के खातों से भी लेन-देन करता था।

‘शिजर-ए-तैयब्बा’ से ब्रेनवॉश करता था छांगुर पीर

छांगुर पीर ने शिजर-ए-तैयब्बा नाम की किताब प्रकाशित कराई थी। इस किताब से आसपास के लोगों से इस्लाम का प्रचार-प्रसार कराता था। इस किताब को पढ़कर लोगों का ब्रेनवॉश करता था। नीतू रोहरा को भी यही किताब देकर ब्रेनवॉश किया था। बाद में नीतू का धर्मांतरण कर नसरीन बना दिया।

UPATS ने छांगुर पीर के बेटे महबूब को पहले किया गिरफ्तार

छांगुर पीर की गिरफ्तारी की प्लानिंग UPATS काफी समय पहले ही कर चुकी थी। इसी डर से छांगुर पीर और नसरीन अंडरग्राउंड हो गए थे। तभी दोनों ने धर्मांतरण का नेटवर्क का अड्डा होटल में बनाया। इसी ठिकाने से हिंदूओं को धर्मांतरण और लव जिहाद में फँसाते थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, UPATS ने नवंबर 2024 में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर और उसके बेटे महबूब समेत 10 लोगों पर FIR दर्ज की थी। इसमें नसरीन के पति और छांगुर के सहयोगी नवीन रेहरा का नाम भी शामिल था।

FIR दर्ज होने के बाद ATS ने 08 अप्रैल 2024 को छांगुर के बेटे महबूब को गिरफ्तार कर लिया। तभी से छांगुर पीर को अपनी गिरफ्तारी का डर सताने लगा। इसके बाद छांगुर और नसरीन ने अंडरग्राउंड होने की योजना बनाई। फिर लखनऊ के एक होटल में जाकर ठहरे।

उधर, UPATS लगातार उनकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। छांगुर पर ₹50 हजार का इनाम भी घोषित किया गया। इसके बाद शनिवार (08 जुलाई 2025) को छांगुर पीर और नसरीन को होटल से रंगे हाथों पकड़ लिया गया। दोनों यहाँ 70 दिन से रुके हुए थे।

छांगुर पीर और उसका नेटवर्क

जमालुद्दीन खुद को हाजी पीर जमालुद्दीन बताता था। वह अपने एजेंटों के जरिए हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए उकसाता था। जानकारी के अनुसार, इस काम के लिए लड़कियों की जाति के हिसाब से फीस तय थी।

ब्राह्मण, क्षत्रिय, सरदार लड़कियों के लिए 15-16 लाख रुपए, पिछड़ी जाति की लड़कियों के लिए 10-12 लाख रुपए और अन्य जातियों के लिए 8-10 लाख रुपए मिलते थे।

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