कोलकाता लॉ कॉलेज में महिला छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेताओं की ओर की गई संवेदनहीन बयानबाजी के बाद पार्टी का एक आधिकारिक बयान सामने आया। बयान में पार्टी ने टीएमसी के विधायक मदन मित्रा और सांसद कल्याण बनर्जी के विवादित बयानों पर उनसे दूरी बना ली है और नेताओं की निंदा भी की है।

टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए बयान में कहा कि सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा की टिप्पणियाँ पूरी तरह से उनकी निजी राय हैं और पार्टी के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।

बलात्कार की यह घटना बुधवार (25 जून 2025) को कोलकाता के कस्बा इलाके में स्थित दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज में घटी थी, जिसमें कॉलेज की 24 वर्षीय महिला लॉ छात्रा को निशाना बनाया गया। इस मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस छात्र परिषद (TMCP) के नेता मनोजीत मिश्रा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

यह मामला सामने आने के बाद लोगों में भारी रोष है। इस साल की शुरुआत में आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद से शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से गंभीर बहस शुरू हो गई है। इसी बीच, टीएमसी के दो नेताओं सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा ने इस मामले पर बेहद आपत्तिजनक बयान दिए, जिन पर जमकर आलोचना हो रही है।

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुआ कहा था, अगर कोई दोस्त अपने दोस्त के साथ बलात्कार करता है तो क्या किया जा सकता है? क्या अब स्कूलों में भी पुलिस तैनात होगी? यह छात्रों ने एक अन्य छात्रा के साथ किया। उसकी सुरक्षा कौन करेगा?”

इसके अलावा उन्होंने कहा, “यह सब अपराध और छेड़छाड़ कौन करता है? कुछ पुरुष करते हैं। तो महिलाओं को किसके खिलाफ लड़ना चाहिए? महिलाओं को इन विकृत पुरुषों के खिलाफ लड़ना चाहिए।” इन बातों को पीड़िता को दोष देने और अपराध को हल्का बताने की कोशिश के रूप में देखा गया है।

टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने भी चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि पीड़िता को कॉलेज नहीं जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, “अगर वह लड़की वहाँ नहीं गई होती, तो ऐसा नहीं होता। अगर वह जाने से पहले किसी को सूचित करती या अपने साथ कुछ दोस्तों को ले जाती, तो ऐसा नहीं होता।” उन्होंने आगे कहा, “जिसने यह गंदा काम किया, उसने मौके का फायदा उठाया।”

इन दोनों नेताओं की बातों पर चारों तरफ से निंदा होने लगी, जिसके बाद पार्टी को सफाई देना पड़ी। टीएमसी ने स्पष्ट किया, “सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा द्वारा दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बारे में जो टिप्पणियाँ की गईं, वे पूरी तरह से उनकी व्यक्तिगत राय हैं। पार्टी न केवल इन बयानों से खुद को अलग करती है, बल्कि इनकी कड़ी निंदा भी करती है। ये विचार किसी भी रूप में पार्टी के रुख को नहीं दर्शाते हैं।

बता दें कि इस मामले पर महुआ मोइत्रा ने भी पार्टी नेताओं के बयान का विरोध किया था और उन्हें घृणित करार दिया था। हालाँकि कल्याण बनर्जी ने उसपर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “महुआ हनीमून मनाकर वापस भारत आई और मुझसे झगड़ने लगी हैं! वह मुझ पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाती हैं, वह क्या हैं?” महुआ मोइत्रा पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा, “उन्होंने (महुआ) 40 साल की शादी तोड़कर 65 साल के आदमी (पिनाकी मिश्रा) से शादी कर ली है, क्या उसने महिला को चोट नहीं पहुँचाई?



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