भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के 17 दूरदराज गाँवों से चुने गए 150 ग्राम रक्षा गार्डों (VDGs) के लिए विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। इस पहल में महिला स्वयंसेवकों को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य चिनाब घाटी क्षेत्र में जमीनी स्तर पर सुरक्षा तैयारियों को मज़बूत करना है, जहाँ अतीत में पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकियों द्वारा घुसपैठ और हमले होते रहे हैं।
#WATCH | Bhalessa, Doda, J&K: To further strengthen counter-terrorism arrangements in the Doda district of the Jammu and Kashmir Union Territory, the Indian Army has initiated specialised guerrilla warfare training for Village Defence Guards (VDGs). (30.12) pic.twitter.com/oGlADvHaIH
— ANI (@ANI) December 31, 2025
VDG (ग्राम रक्षा गार्ड) प्रशिक्षण कार्यक्रम भलेसा क्षेत्र की शिंगिनी पंचायत में आयोजित किया जा रहा है, जो डोडा से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित है। इस दौरान सेना के जवान ग्राम रक्षा गार्डों को हथियारों को चलाने की ट्रेनिंग दी (हाल ही में अपग्रेड की गई सेल्फ-लोडिंग राइफल), आत्मरक्षा तकनीक, बंकर निर्माण, सीमित युद्ध कौशल और आतंकी हमलों को नाकाम करने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों का कहना है कि यह अभियान घने जंगलों और घुसपैठ-संभावित इलाकों में आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगा। VDG संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में पहली रक्षा पंक्ति के रूप में काम करते हैं और सुरक्षा क्षमता को मजबूत बनाते हैं।
सेना अधिकारियों के अनुसार यह पहल सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा ऊपरी इलाकों में चलाए जा रहे संयुक्त अभियान को मजबूती देती है, जिसका उद्देश्य चिनाब घाटी, विशेषकर डोडा और किश्तवाड़ जिलों में घुसपैठ करने वाले आतंकियों का पता लगाकर उन्हें खत्म करना है।
