दिल्ली के लाल किले के पास हुई कार विस्फोट की जाँच में खुफिया एजेंसियों ने बड़े आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया है। इस आतंकी हमले में 13 लोगों की मौत के बाद हो गई। जाँच में पता चला कि आतंकी 32 पुरानी गाड़ियों को विस्फोटकों से लैस करने की तैयारी कर रहे थे। इनका प्लान कई शहरों में एक साथ धमाके करने का था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाँच में सामने आया कि दो गाड़ियाँ हुंडई i20 और फोर्ड इकोस्पोर्ट को पहले ही तैयार किया जा चुका था। अब बाकी 32 गाड़ियों की तलाश जारी थी। खुफिया सूत्रों ने बताया कि फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के आठ आतंकी चार शहरों में दो-दो के जोड़ों में काम कर रहे थे। हर जोड़ी को कई IED लेकर एक साथ हमले करने थे।
पकड़े गए आतंकियों में डॉ मुजम्मिल, डॉ अदील, डॉ उमर और डॉ शाहीन शामिल हैं, जो पहले के आतंकी मामलों से जुड़े हैं। डॉ उमर को मुख्य सरगना माना जा रहा है।
जाँच में पता चला कि ग्रुप ने 20 लाख रुपए जुटाए थे, जिसमें से उमर को ऑपरेशन के लिए दिए गए। इसी पैसे से गुरुग्राम, नूह और आसपास से 20 क्विंटल NPK फर्टिलाइजर खरीदा गया, जिससे विस्फोटक बनाए जाने थे। उमर ने सिग्नल ऐप पर 2-4 सदस्यों का प्राइवेट ग्रुप बनाया था, जिसमें पूरी प्लानिंग होती थी।
डॉ मुजम्मिल 2021-22 में ISIS की शाखा अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ा था। उसे इरफान उर्फ मौलवी ने नेटवर्क से जोड़ा। 2023-24 में बरामद हथियार भी इसी मॉड्यूल ने जुटाए थे।
जाँच में पुरानी गाड़ियों की खरीद, फर्टिलाइजर की सप्लाई और फंडिंग का पूरा चेन ट्रेस किया जा रहा है। आतंकी ग्रुप स्वतंत्र मॉड्यूल बनाने की फिराक में था। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और संदिग्धों की तलाश तेज हो गई है।
