उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इतिहास में शनिवार (21 फरवरी 2026) का दिन एक सुनहरा अध्याय लिखने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रेटर नोएडा के यमुना प्राधिकरण क्षेत्र (सेक्टर-28) में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर इकाई का शिलान्यास करेंगे।
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे। फॉक्सकॉन और एचसीएल के संयुक्त उद्यम ‘इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा लगाई जा रही यह फैक्ट्री भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
4000 करोड़ का निवेश और 3000 नौकरियाँ
यमुना सिटी में बनने वाला यह सेमीकंडक्टर पार्क करीब 48 एकड़ जमीन पर फैला होगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 3706 करोड़ रुपये (कुल करीब 4000 करोड़) का भारी-भरकम निवेश किया जा रहा है। यहाँ मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स में इस्तेमाल होने वाले डिस्प्ले इंटीग्रेटेड सर्किट और स्मॉल पैनल ड्राइवर IC बनाए जाएँगे।
कंपनी का लक्ष्य हर साल करीब 2.40 लाख चिप सेट तैयार करना है। इस फैक्ट्री के शुरू होने से इलाके के लगभग 3000 युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा, जबकि हजारों अन्य लोगों को परोक्ष रूप से काम मिलने की उम्मीद है।
जेवर बनेगा ग्लोबल औद्योगिक हब
इस बड़ी परियोजना के आने से जेवर का पूरा इलाका एक प्रमुख इंडस्ट्रियल हब के रूप में उभरेगा। सेमीकंडक्टर इकाई के आसपास कई सहायक उद्योग भी विकसित होंगे, जिससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई रफ़्तार मिलेगी।
जानकारों का मानना है कि इस कदम से विदेशी निर्भरता कम होगी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतों में भी कमी आ सकती है। यह प्रोजेक्ट न केवल यूपी बल्कि पूरे उत्तर भारत की तकनीकी तस्वीर बदल देगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ट्रैफिक डायवर्जन
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम ने खुद कार्यक्रम स्थल और हेलिपैड का निरीक्षण किया है।
सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे पर भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। हालाँकि, एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है। जनसभा में लगभग 5000 लोगों के जुटने की उम्मीद है, जिसके लिए फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस जैसी सभी आपातकालीन व्यवस्थाएँ तैनात की गई हैं।
