केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत और अमेरिका के बीच हुई डील को लेकर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने अनर्गल आरोप लगाने को लेकर विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया है।
दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच लंबित व्यापार समझौता सोमवार (2 फरवरी 2026) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद अंतिम रूप में तय हो गया।
इसके तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। यह डील दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला माना जा रहा है।
डील के प्रमुख फायदे और घोषणा
पीयूष गोयल ने बताया कि यह डील भारत की सभी 140 करोड़ जनता के लिए लाभकारी है। डील से इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, मरीन गुड्स, ज्वेलरी और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़े अवसर मिलेंगे। गोयल ने कहा कि यह ट्रेड डील गाँवों में रहने वाले हर गरीब व्यक्ति, किसान, मछुआरे, नौजवान और महिला, हमारी बहनों और महिलाओं के लिए बहुत सारे मौके लाएगी।
Addressing the media on #IndiaUSTradeDeal. https://t.co/2l5j8W4cUc
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 3, 2026
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मित्रता और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ घनिष्ठ संबंधों के चलते यह डील भारत के लिए सबसे लाभकारी साबित हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बताया कि भारत ने रूस से तेल की खरीद कम करने और अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदने पर सहमति दी है। इसके अलावा भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के ऊर्जा, कृषि, कोयला और तकनीकी उत्पाद खरीदने का वचन दिया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और गोयल का जवाब
डील की जानकारी अमेरिका से आने पर कॉन्ग्रेस सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए। कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत को अपनी सरकार के कार्यों के बारे में केवल अमेरिकी स्रोतों से जानकारी मिलती है।
इस पर पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि चूँकि अमेरिका को रेसिप्रोकल टैरिफ घटाना था, इसलिए इसकी घोषणा अमेरिका की ओर से स्वाभाविक थी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गाँधी और उनके सहयोगी देशहित के बजाय नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। गोयल ने कहा कि इस डील में किसी भी सेक्टर, खासकर कृषि और डेयरी के हित से समझौता नहीं किया गया।













