विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि 12 जून को अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया दुर्घटना की कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में इंजन फेल होने के दौरान दोनों पायलटों के बीच छोटी लेकिन अहम बातचीत रिकॉर्ड हुई है।
कॉकपिट की बातचीत में अहम खुलासा
15 पन्नों की रिपोर्ट में बताया गया है कि कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे से कहा, “आपने ईंधन क्यों बंद कर दिया?” जिस पर दूसरे ने जवाब दिया, “मैंने ऐसा नहीं किया।” यह बातचीत उस समय हुई जब दोनों इंजन ईंधन कटऑफ स्विच 13:38:42 IST (08:08:42 UTC) पर ‘रन’ से ‘कटऑफ’ में बदल गए। इस वक्त बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर 180 नॉट्स की तेज रफ्तार में पहुँच चुका था।
Air India acknowledges receipt of the preliminary report released by the Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) today, 12 July 2025. It is working closely with stakeholders, including regulators and continues to fully cooperate with the AAIB and other authorities as their… pic.twitter.com/WpoFbMhYrd
— ANI (@ANI) July 11, 2025
दोनों इंजन का फ्यूल एक साथ बंद
रिपोर्ट में कहा गया है कि इंजन 1 का स्विच 13:38:52 IST (08:08:52 UTC) पर वापस ‘रन’ पर चला गया। उसके बाद इंजन 2 का स्विच 13:38:56 IST (08:08:56 UTC) पर रन पर चला। इंजन और एयरक्राफ्ट फ़्लाइट रिकॉर्डर (EAFR) ने दोनों इंजनों के एग्जॉस्ट गैस तापमान (EGT) में वृद्धि के के संकेत दिए।
इंजन 1 का कोर रुक गया और फिर उसमें गति आने लगी। हालाँकि बार-बार ईंधन1 बंद और चल रहा था। वहीं इंजन 2 बंद होने के बाद चल नहीं पाया। दोनों इंजनों के काम नहीं करने पर विमान नीचे गिर गया।
बोइंग के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी अभी
प्रारंभिक रिपोर्ट में फिलहाल बोइंग कंपनी और इंजन बनाने वाली इलेक्ट्रिक जनरल यानी जेई के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश नहीं की गई है । सुरक्षा जाँच में अभी गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं। हालाँकि रिपोर्ट में आगे कहा गया है, ” सबूत माँगे जा रहे हैं और उनकी जाँच की जाएगी।”
एएआईबी ने कहा, “दोनों इंजनों को मलबे वाली जगह से बरामद कर लिया गया था जिसे अलग से जाँच के लिए रखा गया है। इसके अलावा विमान के अहम कलपुर्जे की पहचान करके आगे की जाँच के लिए अलग रखा गया है।”
एएआईबी ने आगे बताया कि ड्रोन फोटोग्राफ़ी और वीडियोग्राफ़ी सहित मलबे वाली जगह पर जाँच का काम पूरा हो गया है और मलबे को एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
तकनीकी पहलू की जाँच की गई
रिपोर्ट में उन तकनीकी चीजों का सिलसिलेवार तरीके से ज़िक्र किया गया है जो विमान के उड़ान के बाद कुछ सेकेंड में घटित हुईं। ये विमान अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरा था लेकिन कुछ सेकेंड बाद ही बी जे मेडिकल कॉलेज के होस्टल पर गिर गया। इस दुर्घटना में 260 लोग मारे गए।
इनमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल हैं जबकि हॉस्टल में मेडिकल कॉलेज के कई छात्रों समेत 19 अन्य लोग भी अपनी जान गँवा बैठे। इस हादसे में एक यात्री की जान बच गई। ये विमान हादसा भारत की सबसे भयानक विमान दुर्घटनाओं में एक माना जाता है।
इस फ्लाइट के दो पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल और क्लाइव कुंदर थे। 56 वर्षीय कैप्टन सभरवाल एक बेहद अनुभवी पायलट थे, जिनके पास 15,600 घंटों से ज़्यादा उड़ान भरने का अनुभव था।
वहीं 32 वर्षीय कुंदर के पास 3,400 से ज़्यादा घंटों तक उड़ान भरने का अनुभव था । दोनों के पास बोइंग 787 उड़ाने का लाइसेंस और योग्यता दोनों था।