अखंड प्रताप सिंह (बाएँ) की शिकायत पर जेल भेजा गया शब्बीर अहमद

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से धर्मांतरण रैकेट का मामला सामने आया है, जिसमें एक हिंदू युवक को नौकरी की आड़ में धर्मांतरित करने की कोशिश की गई। उसका फर्जी एफिडेविट भी बनवा लिया गया और लगातार उस पर दबाव डाला गया। इस मामले में अल फारुक इंटर कॉलेज के मैनेज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बीत, पीड़ित हिंदू युवक के हाथ वो एफिडेविट लगा है, जिससे शब्बीर अहमद के सारे हथकंडे बाहर आ गए हैं। पीड़ित के नाम से बने इस एफिडेविट में लिखा है, ‘अब मेरा नया इस्लामी नाम इमरान खान होगा।’

मैनेजर मोहम्मद शब्बीर अहमद पर जबरन धर्म बदलवाने का आरोप लगाने वाले अखंड प्रताप सिंह ने ऑपइंडिया को बताया कि 2020 में उन्होंने वहाँ 8-10 दिन बाबू की नौकरी की थी। उस दौरान मैनेजर ने 100 रुपये के खाली एफिडेविट पर एग्रीमेंट के नाम पर उनके हस्ताक्षर करवा लिए।

कुछ दिन बाद मैनेजर ने अखंड प्रताप को एक एफिडेविट दिखाया, जिसमें धर्म बदलने की बात लिखी थी। यह देखकर वे हैरान रह गए और नौकरी छोड़कर चले गए। इसके बाद भी मैनेजर द्वारा लगातार अखंड प्रताप सिंह पर जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता रहा।  

इंटर कॉलेज से बाबू की नौकरी छोड़ने के बाद अखंड प्रताप सिंह कहते हैं कि वह फर्जी एफिडेविट को लेकर बेहद चिंतित थे और उस एफिडेविट को पाने की जुगत में लग गए। किसी तरह कॉलेज से एफिडेविट उनके हाथ लगा, जिसे पढ़ने के बाद अखंड प्रताप सिंह के पैरों तले जमीन खिसक गई। इंटर कॉलेज के मैनेजर मोहम्मद शब्बीर अहमद द्वारा अखंड प्रताप सिंह के नाम से बनाया गया ऑपइंडिया के पास मौजूद है। इस एफिडेविट में लिखा था…

  1. मैं कहता हूँ कि मैं धर्म से हिंदू हूँ।
  2. मैं इस्लाम की शिक्षा से बहुत प्रभावित हूँ।  
  3. मैं इस्लाम की धार्मिक मान्यताओं में आस्था रखता हूँ।
  4. मैंने इस्लाम धर्म अपनी इच्छा से अपनाया है मेरे ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं है।
  5. अब मेरा नया इस्लामी नाम इमरान खान होगा।

15-16 हिंदुओं का धर्मांतरण करा चुका है शब्बीर

आगे ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित अखंड प्रताप सिंह ने दावा किया कि इसी तरह मैनेजर शब्बीर अहमद पिछले कुछ वर्षों में 15-16 हिंदुओं का धर्मांतरण करा चुका है। इतना ही नहीं 2018 में ही गोल्हौरा थाना क्षेत्र के निवासी एक यादव के बेटे का शब्बीर ने धर्मांतरण कराया था। आज वह लड़का कहाँ है किसी को नहीं पता। अखंड प्रताप सिंह को आशंका है कि स्कूल में पढ़ाने वाले अन्य हिंदुओं ने भी शब्बीर के प्रभाव में आकर इस्लाम मजहब को अपना लिया है।

अखंड प्रताप सिंह ने दावा किया कि विदेश की धरती से व्हाट्सऐप कॉल पर बात कर रहे मौलाना ने उन्हें इस्लाम में आने की दावत दी थी साथ ही कहा था कि इस्लाम अपनाने पर आपको गाड़ी, गुजरात में रहने के लिए मकान और 20 लाख रुपए की रकम दी जाएगी, लेकिन मौलाना के इस लालच को अखंड प्रताप सिंह ने ठुकरा दिया।

जीप चलाने वाला शब्बीर कुछ वर्षों में बन गया करोड़पति

पहला पार्ट: सिद्धार्थनगर के अल फारुक कॉलेज का मैनेजर शब्बीर अहमद गिरफ्तार, नौकरी के नाम पर करवा रहा था धर्मांतरण: छांगुर पीर से निकला कनेक्शन, शिकायतकर्ता बोला- ₹20 लाख का लालच भी दिया

अखंड प्रताप सिंह का दावा है कि एनजीओ के नाम पर चला रहे इंटर कॉलेज की आड़ में शब्बीर अहमद खाड़ी देशों से चंदा इकट्ठा करता है और फिर उस पैसे से धर्मांतरण के साथ दूसरों के नाम पर अपना बिजनेस करता है। प्रताप सिंह की मानें तो करीब 15-20 वर्ष पहले शब्बीर इटवा-बांसी रोड पर जीप चलाने का काम करता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ही शब्बीर अहमद देखते ही देखते करोड़पति हो गया। अब अखंड प्रताप सिंह ने यूपी पुलिस से शब्बीर अहमद के खातों और संपत्ति की भी जाँच करने की माँग की है।

कॉन्ग्रेस पार्टी लड़ेगी धर्मांतरण के आरोपित शब्बीर अहमद का केस

जबरन धर्मांतरण के आरोप में जेल में बंद शब्बीर अहमद के केस को लेकर उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी(विधि विभाग), लखनऊ ने एक पत्र जारी कर कहा है कि मौलाना शब्बीर अहमद को धर्मांतरण के झूठे केस में गिरफ्तार किया गया है। इनके मुकदमे की पैरवी इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ में एड. रवीन्द्र सिंह, एड. इमरान आसिम खान और एड. सहोदर त्रिपाठी करेंगे।

कॉन्ग्रेस पार्टी लड़ेगी शब्बीर के लिए कानूनी लड़ाई

बता दें कि जबरन धर्मांतरण के मामले में उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से छांगुर पीर की गिरफ्तारी के बाद सिद्धार्थनगर के अखंड प्रताप सिंह की शिकायत पर यूपी पुलिस ने अल फारुक इंटर कॉलेज के मैनेजर शब्बीर अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब यूपी पुलिस शब्बीर अहमद के छांगुर बाबा के कनेक्शन की तलाश कर रही है।

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