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व्यापार में निष्पक्षता या अमेरिका को घाटे से बचाना: BRICS देशों पर 10% टैरिफ के बाद भारत पर कितना पड़ेगा असर, ग्लोबल ट्रेड वार में ट्रंप ने दिया अल्टीमेटम


डोनाल्ड ट्रंप ने लगाया BRICS देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अगस्त 2025 से अपने व्यापारिक साझेदारों से सभी टैरिफ भुगतान शुरू करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस तारीख में कोई बदलाव या छूट नहीं होगी।

ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर यह चेतावनी साझा की है। यह घोषणा 14 देशों को निशाना बनाने वाले नए टैरिफ खतरों के बाद आई है, जो उनके प्रशासन के ग्लोबल ट्रेड वॉर में एक बड़ा कदम है।

BRICS देशों पर टैरिफ

ट्रम्प ने BRICS देशों (जिसमें भारत भी शामिल है) पर जल्द ही 10% टैरिफ लगाने की धमकी दी है। उनका आरोप है कि BRICS समूह अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब है। भारत ने पहले ही एक ‘उचित प्रस्ताव’ पेश किया है, जिसकी समीक्षा अब अमेरिकी राष्ट्रपति करेंगे।

यह समझौता दोनों देशों के बीच 12878 करोड़ ($150 बिलियन) से 171711 करोड़ ($200 बिलियन) के सामान व्यापार को कवर कर सकता है। यदि भारत पर भी 10% टैरिफ लगता है तो कुल 26% टैरिफ भारत को देना पड़ सकता है।

कुछ देशों को अधिक टैरिफ

लाओस और म्यांमार को 40% के साथ उच्चतम टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। थाईलैंड और कंबोडिया पर 36% टैरिफ लगेगा, जबकि बांग्लादेश और सर्बिया पर 35%।

ट्रम्प ने कहा कि वे व्यापार में निष्पक्षता लाना चाहते हैं और अमेरिकी कंपनियों, फैक्ट्री और जॉब्स की रक्षा करना चाहते हैं। ट्रंप का मानना है कि पिछले कुछ सालों से अन्य देश अमेरिका का फायदा उठा रहे हैं।

टैरिफ रेट और प्रभावित देश

कई देशों को अलग-अलग टैरिफ रेट का सामना करना पड़ेगा

जवाबी टैरिफ पर चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई देश अमेरिकी टैरिफ के जवाब में अपने चार्ज बढ़ाता है तो उसे और मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

ट्रंप ने जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों को बताया है कि अगर वे ऐसा करते हैं तो अमेरिका उनके सामान पर लगने वाले नए चार्ज को और बढ़ा देगा।

बता दें कि तांबा पर 50% टैरिफ लगाने की बात कही गई है। फार्मास्युटिकल इमपोर्ट पर 200% तक ‘बहुत-बहुत हाई रेट’ का संकेत दिया गया है।

भारत के साथ व्यापार समझौता

भारत के साथ व्यापार समझौते पर अंतिम फैसला आना बाकी है। भारत ने एक अंतिम प्रस्ताव दिया है, जिसमें कृषि और डेयरी जैसे क्षेत्र शामिल नहीं होंगे।

अमेरिका अपने मेडिकल डिवाइस एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स पर कम टैरिफ चाहता है, जबकि भारत टेक्सटाइल एक्सपोर्ट के लिए बेहतर अवसर चाहता है।

ट्रम्प ने कहा कि यह समझौता इस महीने या उनकी भारत यात्रा के दौरान हो सकता है।

वॉल स्ट्रीट की प्रतिक्रिया

ट्रम्प के टैरिफ पत्रों को साझा करने के बाद शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊँचाई से गिर गए और अमेरिकी डॉलर में वृद्धि हुई।

जापान, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों पर टैरिफ लगने से उनकी मुद्राओं में गिरावट आई।



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