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‘रूपेंद्र प्रताप’ मुस्लिम लड़की से निकाह कर बना ‘अब्दुल रहमान’, छांगुर पीर से जुड़ चलाने लगा धर्मांतरण गैंग: 21 साल की हिन्दू लड़की को इस्लाम कबूल करने को फँसाया, देहरादून से गैंग समेत गिरफ्तार


देहरादून धर्मांतरण के आरोप में 5 गिरफ्तार, छांगुर पीर खुद को RSS का अधिकारी दिखाता

उत्तर प्रदेश से संदिग्ध धर्मांतरण रैकेट के तार देहरादून तक जुड़े पाए गए हैं। यूपी ATS की जाँच के बाद देहरादून पुलिस ने रानीपोखरी की एक 21 वर्षीय युवती को धर्म परिवर्तन के लिए प्रलोभित करने के मामले में 5 आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इनमें अब्दुल रहमान, अबु तालिब, अयान, अमन, और श्वेता (गोवा निवासी) शामिल हैं।

यूपी ATS ने अब्दुल रहमान को शंकरपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि अब्दुल रहमान इस धर्मांतरण गैंग से जुड़ा है और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर रानीपोखरी की एक युवती को भी निशाना बनाया था।

जानकारी के अनुसार, आरोपित इंस्टाग्राम के जरिए युवतियों से संपर्क करते थे। आरोपित हिंदू लड़कियों को इस्लाम अपनाने के लिए पैसों का लालच देते थे। इसके अलावा उन्हें कलमा-नमाज पढ़ने और बुर्का पहनने पर भी दबाव बनाया जाता था।

युवती ने बताया कि आरोपित उसे ‘रानी’ बनाने और पैसों की बरसात का लालच देते थे। आरोपित ने ऑनलाइन छोटे-छोटे अमाउंट (500 से 3000 रुपए तक) भी भेजे गए थे।

अब्दुल रहमान का छांगुर से कनेक्शन

पुलिस जाँच में सामने आया है कि अब्दुल रहमान का असली नाम ‘रूपेंद्र प्रताप सिंह’ है। उसने 2015 में एक मुस्लिम युवती से शादी करने के लिए धर्म और नाम बदला।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल रहमान 2012 में धर्मांतरण का साजिशकर्ता जलालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर के संपर्क में आया था। छांगुर पीर ने उसे हिंदू युवतियों का धर्म परिवर्तन कराने के बदले मुनाफे का लालच दिया था।

अब्दुल रहमान ने धर्मांतरण के बाद देहरादून और लखनऊ में दो शादियाँ की हैं और उसके 8 बच्चे हैं। छांगुर पीर के संपर्क में रहने के बाद अब्दुल रहमान ने उत्तराखंड में इस गिरोह की कमान संभाली।

छांगुर पीर का फर्जी RSS कनेक्शन

छांगुर पीर अधिकारियों और नेताओं से मिलते समय खुद को RSS से जुड़ी संस्था का बड़ा पदाधिकारी बताता था। छांगुर पीर ने अपनी संस्था के लेटरहेड पर प्रधानमंत्री मोदी की फोटो भी लगा रखी थी।

छांगुर को भारत प्रतिकार्थ सेवा संघ नाम की संस्था का महासचिव बनाया गया था। इस संस्था को ‘ईद उल इस्लाम’ नाम का दूसरा आरोपित ईदुल इस्लाम चला रहा था। जाँचकर्ताओं का कहना है कि संस्था का नाम जानबूझकर ऐसा रखा गया था, ताकि लोग इसे RSS से जुड़ा हुआ मानें।

अपनी संस्था को असली दिखाने के लिए इस्लाम ने RSS के मुख्यालय नागपुर में एक फर्जी केंद्र भी खोल रखा था। छांगुर पीर और इस्लाम अधिकारियों से मिलते समय RSS के कई बड़े नेताओं का नाम लेते थे, ताकि उनकी बातों पर विश्वास किया जा सके।

देह व्यापार का भी एंगल

आगरा पुलिस ने बताया कि धर्मांतरण के बाद कुछ युवतियाँ इस्लाम के पक्ष में सोशल मीडिया पर मुहिम चलाती थीं। इस गिरोह के चंगुल से निकलने की कोशिश करने वाली युवतियों को देह व्यापार में धकेलने की बात भी सामने आई है।

हालाँकि, पुलिस ने बताया कि आरोपितों ने छांगुर से किसी भी तरह के कोई संपर्क की बात नहीं कबूली है। लेकिन अब्दुल रहमान के माध्यम से यह जुड़ाव सामने आया है।

जाँच के दौरान, पुलिस को पता चला कि आगरा की दो लापता बहनें कोलकाता में मिली और ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म की तरह धर्मांतरण कराने वाले गैंग के जाल में फँस गई थीं।

पुलिस अभी भी इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है और आरोपितों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जाँच कर रही है।

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