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मुहर्रम का चन्दा देने से किया मना तो इस्लामी भीड़ ने हिन्दू E-रिक्शा ड्राइवर को पीटा, सिर पर पत्थर मारा: पश्चिम बंगाल के बीरभूम की घटना, परिवार बोला – पुलिस नहीं कर रही कोई कार्रवाई


बीरभूम में हिन्दू युवक को पीटा

मुस्लिम भीड़ ने मुहर्रम से पहले दोबारा चंदा न देने पर एक हिंदू ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से पिटाई की। शुक्रवार (4 जुलाई) की ये घटना पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के सैंथिया कस्बे में हुई है।

दरअसल बेदन घोष नाम के ई-रिक्शा चालक से मुहर्रम से पहले चंदा के तौर पर 50 रुपए माँगे गए। उसने गुरुवार (3 जुलाई) को इसे दे दिया। बेदन घोष से दोबारा 50 रुपए चंदा माँगा गया। गुस्से में उसने पैसा देने से इनकार कर दिया। इसके बाद वहाँ मौजूद मुस्लिम भीड़ ने बेदन घोष को पीटा।

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, “जब वे लोग उसे पीट रहे थे, तो उनमें से एक युवक ने उसके सिर पर पत्थर से हमला किया। इसमें वह घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन मरीज की स्थिति अभी कैसी है उसके बारे में नहीं पता।”

घटना के बाद गुस्साए लोग सड़कों पर आ गए और जाम लगा कर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, “घटना हुए एक घंटा बीत चुका है, लेकिन पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया है। हमने अब विरोध में इस सड़क को जाम कर दिया है। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”

पीड़ित बेदन घोष के पिता तमाल घोष ने बताया, “मेरा बेटा यात्रियों को छोड़ने के लिए वहाँ गया था। उसने पिछले दिनों चंदा दिया था। आज जब वह वहाँ पहुँचा तो उन्होंने उससे फिर से चंदा माँगा। उसने उन्हें बताने की कोशिश की कि उसका आज का काम अभी शुरू हुआ है, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। मैं यह नहीं बता सकता कि उन्होंने मेरे बेटे को कितनी बेरहमी से पीटा। उसे कुछ स्थानीय लोगों ने बचाया।”

पीड़ित के पिता ने पुलिस पर मुस्लिम भीड़ के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है, “प्रशासन क्या कर रहा है? वे (मुस्लिम) हम पर बार-बार हमला करते हैं, हम पर अत्याचार कर रहे हैं।”

पीड़ित बेदन घोष से जब मीडिया ने बात की तो उसने बताया कि कैसे सैंथिया में मुस्लिम युवक मुहर्रम के चंदे के लिए हिंदुओं को परेशान कर रहे थे? उसने बताया “गुरुवार (3 जुलाई) को जब मैं अपने बेटे को स्कूल छोड़ने गया तो 8-10 मुस्लिम युवकों ने मुझे पकड़ लिया। उन्होंने मुझसे चंदा माँगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मैं तुरंत उन्हें पैसे दे दूँ।”

घोष को मारने-पीटने की धमकी दी गई। इस दौरान घोष ने आश्वासन दिया कि वह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने के बाद चंदा देने के लिए वापस आएँगे। बाद में उन्होंने मुस्लिम युवकों से बचने के लिए अलग रास्ते से घर जाने लगा। लेकिन उसे फिर घेर लिया गया और मुस्लिम भीड़ ने उसे मारा पीटा।

पीड़ित की सरेआम बेरहमी से हुई पिटाई के विरोध में स्थानीय हिंदुओं ने विरोध प्रदर्शन किया और मुस्लिम अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करते हुए सड़क जाम किया। इसके बाद प्रशासन की नींद खुली और आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया।

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