उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध धर्मांतरण रैकेट के साजिशकर्ता जलालुद्दीन उर्फ छांगुर का कनेक्शन माफिया मुख्तार अंसारी गैंग से सामने आया है। इस खुलासे के बाद, अब मुख्तार अंसारी के गैंग की अन्य अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जलालुद्दीन उर्फ छांगुर और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया है। न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद, गुरुवार (10 जुलाई 2025) को यूपी ATS ने उसे 7 दिनों की रिमांड पर लिया है और पूछताछ जारी है।
माफिया मुख्तार अंसारी से कनेक्शन
धर्मांतरण रैकेट में छांगुर के साथ मोहम्मद अहमद खान का भी नाम सामने आया। पुणे में मोहम्मद अहमद खान ने मीडिया को बताया कि छांगुर गैंग का कनेक्शन माफिया मुख्तार अंसारी से भी था। छांगुर मुख्तार की मदद से धर्मांतरण और अवैध जमीन का काम करता।
अहमद खान छांगुर को महाराष्ट्र में जमीन खरीदवाने की डील में शामिल था। हालाँकि, अहमद खान का कहना है कि उसका छांगुर के गलत कामों से कोई लेना-देना नहीं है।
गिरोह के अन्य सदस्य और पूछताछ
FIR में छांगुर के बेटे महबूब, भतीजा सबरोज, साले का बेटा शहाबुद्दीन, गोंडा के रिश्तेदार रमजान और बलरामपुर के रसीद को भी नामजद किया गया है। इन सभी की संपत्तियों की भी जाँच की जा रही है।
ATS की टीम छांगुर और नीतू से उनकी दुबई यात्राओं और विदेशी फंडिंग में उनकी भूमिका को लेकर गहनता से पूछताछ कर रही है। नीतू के अब्बू दुबई में कबाड़ के बड़े कारोबारी हैं।
विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग
जाँच में सामने आया है कि छांगुर गिरोह के 40 खातों में खाड़ी देशों और अन्य जगहों से अब तक ₹106 करोड़ भेजे गए हैं।
ED ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जाँच शुरू कर दी है। ED ने बलरामपुर के एसपी और डीएम से बैंक खातों व अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी माँगी है।
धर्मांतरण का तरीका
छांगुर पिछले 15 सालों से सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण का रैकेट चला रहा था। छांगुर हिंदू लोगों का ब्रेनवॉश करता था और विरोध करने वालों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करवाकर उन्हें डराता था।
फिर मुकदमा हटवाने के नाम पर जबरन धर्म परिवर्तन करवाता था। बलरामपुर के उतरौला में उसने एक सिंधी परिवार का धर्मांतरण कराकर उन्हीं के नाम पर एक शानदार कोठी भी बनवाई थी।
वकीलों और प्रापर्टी डीलरों की भूमिका की जाँच
विदेशी फंडिंग का उपयोग धर्मांतरण में कराने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उन प्रापर्टी डीलरों और वकीलों की भी तलाश शुरू कर दी है, जिन्होंने धर्मांतरण गैंग को सहयोग किया है।
जमीन की खरीद-फरोख्त में कई वकीलों की भूमिका की भी जाँच एजेंसी कर रही है।