पीएम मोदी मालदीव

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार (25 जुलाई 2025) को मालदीव पहुँचे। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के आमंत्रण पर पीएम मोदी मालदीव गए हैं। वे मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।

पीएम मोदी की मालदीव की ये तीसरी यात्रा है। इससे पहले जून 2019 में उन्होंने मालदीव का दौरा किया था। मुइज्जू के सत्ता संभालने के बाद किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का ये पहला मालदीव दौरा है।

मोहम्मद मुइज्जूसरकार के कार्यकाल में पीएम मोदी की यह यात्रा इसलिए भी अहम है, क्योंकि दोनों देशों के संबंधों में तनाव के बाद पहली बार पीएम मोदी मालदीव पहुँचे हैं। इस दौरान भारत-मालदीव राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ पर संयुक्त स्मारक डाक टिकट जारी किया गया है।

इस अवसर पर पीएम मोदी ने मुइज्जू के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता में अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा, “मैं भारत की जनता की ओर से स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति और मालदीव की जनता को हार्दिक बधाई देता हूँ। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुझे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के लिए मैं राष्ट्रपति मुइज्जू का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। “

पीएम मोदी ने आगे कहा, “इस वर्ष भारत और मालदीव अपने राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। हमारे संबंधों की जड़ें इतिहास से भी पुरानी और समुद्र जितनी गहरी हैं। आज जारी किए गए स्मारक डाक टिकटों में दोनों देशों की पारंपरिक नौकाओं को प्रदर्शित किया गया है। यह दर्शाता है कि हम सिर्फ़ पड़ोसी ही नहीं, बल्कि सह-यात्री भी हैं।”
भारत मालदीव का सबसे करीबी पड़ोसी है।

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे लिए दोस्ती हमेशा पहले आती है। भारत की पड़ोसी पहले नीति और महासागर विजन में मालदीव का अहम स्थान है। भारत को मालदीव का सबसे भरोसेमंद दोस्त होने पर गर्व है। चाहे संकट हो या महामारी, भारत हमेशा सबसे पहले उनके साथ खड़ा रहा है। इसके साथ ही चाहे आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता हो या कोविड के बाद अर्थव्यवस्था को संभालना हो, भारत ने हमेशा साथ मिलकर काम किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अक्तूबर 2024 में राष्ट्रपति मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान हमने व्यापक आर्थिक और समुद्री साझेदारी पर चर्चा की थी। अब यह एक वास्तविकता बन रहा है। भारत के सहयोग से निर्मित 4000 सामाजिक आवास इकाइयाँ मालदीव के कई परिवारों के लिए एक नई शुरुआत बनेंगी।

नौका प्रणाली से आसान होगा सफर

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा, “ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट, अड्डू रोड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पुनर्विकास अदि का पूरा क्षेत्र एक महत्वपूर्ण पारगमन और आर्थिक केंद्र के रूप में उभरेगा। जल्द ही नौका प्रणाली की शुरुआत के साथ विभिन्न द्वीपों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा।”

पीएम मोदी ने ये भी जोड़ा कि साझा निवेश को गति देने के लिए हम जल्द ही द्विपक्षीय निवेश संधि को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत भी शुरू हो गई है।

उन्होंने कहा, “अब हमारा लक्ष्य कागज़ी कार्रवाई से समृद्धि की ओर है। स्थानीय मुद्रा निपटान प्रणाली से हम रुपये और रूफिया के बीच सीधा व्यापार कर पाएँगे। मालदीव में UPI तेजी से गति पकड़ रहा है, उससे पर्यटन और खुदरा व्यापार मजबूत होगा।”

समुद्री सुरक्षा होगी मजबूत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग, आपसी विश्वास का प्रतीक है। आज रक्षा मंत्रालय के भवन का उद्घाटन एक विश्वसनीय और ठोस इमारत की पहचान बन गया है। यह हमारी मजबूत साझेदारी का प्रतीक है।

पीएम ने कहा, “हमारी साझेदारी मौसम विज्ञान के क्षेत्र में भी रहेगी। मौसम कैसा भी हो, हमारी दोस्ती हमेशा उज्ज्वल और स्पष्ट रहेगी। मालदीव की रक्षा क्षमताओं के विकास में भारत निरंतर सहयोग करेगा। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि हमारा साझा लक्ष्य है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा कि कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन में हम मिलकर क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेंगे। जलवायु परिवर्तन हम दोनों के लिए एक चुनौती है। हमने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस क्षेत्र में भारत मालदीव के साथ अपने अनुभव साझा करेगा।

मुइज्जू बोले- FTA से मजबूत होगी साझेदारी

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भी प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि आज दोपहर में प्रधानमंत्री मोदी और मैंने व्यापक चर्चा की। दोनों देशों के बीच कई प्रमुख क्षेत्रों में चार समझौता ज्ञापनों और तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें 565 मिलियन डॉलर (5000 करोड़ रुपए) का एक ऋण समझौता भी शामिल है। इसका उपयोग प्रमुख क्षेत्रों की परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।”

मुइज्जू ने आगे कहा, “मुझे भारत और मालदीव के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू होने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। यह ऐतिहासिक पहल हमारी आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

पीएम ने मालदीव को सौंपा भीष्म

मालदीव पहुँचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का माले के रिपब्लिक स्क्वायर में औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद भारत और मालदीव ने कई समझौतों पर बात की। भारत सरकार ने मालदीव के रक्षा मंत्रालय को 72 भारी वाहन उपलब्ध कराने पर डील की है।

इसके अलावा मालदीव को 4,850 करोड़ रुपये की ऋण सीमा (एलओसी) का विस्तार, भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित एलओसी पर मालदीव के वार्षिक ऋण चुकौती दायित्वों में कमी, भारत-मालदीव मुक्त व्यापार समझौता (IMFTA) वार्ता की शुरुआत, भारत की क्रेता ऋण सुविधाओं के तहत हुलहुमाले में 3,300 सामाजिक आवास इकाइयों को सौंपने जैसे कई समझौतों पर भी दोनों देशों की सहमति बनी।

दौरे में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने मालदीव के माले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधे लगाए। साथ ही पीएम मोदी ने मालदीव को भीष्म (सहयोग हित और मैत्री के लिए भारत स्वास्थ्य पहल) क्यूब्स सौंपे।



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