इनमें 18.66 लाख मतदाताओं के मृत होने की बात सामने आई है। जबकि 26.10 लाख मतदाता ऐसे हैं जो दूसरी जगह पर शिफ्ट हो गए हैं। एक से ज्यादा जगहों पर नाम वाले मतदाताओं की संख्या करीब 7.50 लाख है। चुनाव आयोग को 11.484 हजार ऐसे मतदाता मिले जिनका कोई अता-पता नहीं मिला यानी इनके बारे में कोई नहीं बता पाया।
Total 96.23 percent electors covered in Bihar SIR (Special Intensive Revision). 5.56 percent electors not found at their address so far. List of electors who have not returned enumeration form or were not found at their address, shared with all 12 major political parties. On… pic.twitter.com/aZcqaqnrq1
— ANI (@ANI) July 21, 2025
21 लाख से ज्यादा वोटरों का फॉर्म नहीं मिल पाया
24 जून 2025 तक बिहार में कुल वोटरों की संख्या 7,89,69,844 है। इनमें 90.67% यानी 7,16,04102 वोटरों को गणना पत्र मिल चुके हैं। वहीं 7,13,65,460 यानी कुल वोटरों के 90.37% वोटरों का रिवीजन फॉर्म ऑनलाइन जमा हो चुके हैं।
अब 21,35,616 लोग बचे हैं यानी कुल वोटरों का मात्र 2.70% वोटर जिनका फॉर्म जमा नहीं हो पाया है। एसआईआर में अब तक 97.30 फीसदी वोटर आ चुके हैं।
1 अगस्त तक मतदाता सूची को करना है फाइनल
बिहार में वोटर वैरिफिकेशन का काम तेज से हो रहा है और पूरी कोशिश की जा रही है कि 1 अगस्त 2025 तक सभी योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल हो जाएँ। अगले एक महीना यानी 1 सितंबर तक वोटर अपने नाम की पुष्टि, संशोधन, शिकायत या सुधार करा सकते हैं। इसके बाद 30 सितंबर तक फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कोई भी मतदाता छूट ना पाए।
बिहार के सभी 12 मुख्य राजनीतिक दलों के करीब 1 लाख बीएलओ, 4 लाख स्वयंसेवक और 1.5 लाख बीएलए इस काम में लगाए गए हैं।
राजनीतिक दलों के बीएलए के साथ मिल कर बीएलओ कर रहे काम
सीईओ, बीएलओ, डीईओ, ईआरओ की बैठक में सभी पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हुए जिसमें उन्हें पूरी जानकारी दी गई। इसमें बताया गया है कि 21.36 लाख वोटरों के फॉर्म अब तक नहीं मिल पाए हैं जबकि 52.30 लाख वोटरों के नाम कट सकते हैं।
विपक्ष ने किया वोटर वेरिफिकेशन का विरोध
बिहार में वोटर वेरिफिकेशन का काम जब से चुनाव आयोग ने शुरू किया, विपक्ष आग-बबूला है। इस मुद्दे पर महागठबंधन ने बिहार बंद करवाया और अब संसद में भी हंगामा हो रहा है। विपक्ष अब उन 52 लाख मतदाताओं पर क्या कहेगा जो अपने पते पर ही मौजूद नहीं हैं। यानी अगर इनका नाम वोटर लिस्ट में रहता तो मतदान प्रक्रिया का क्या होता?