छांगुर पीर और सीएम योगी

यूपी में अवैध धर्मांतरण गिरोह चलाने वाले छांगुर पीर को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाए गये लोगों को ऐसी सजा दी जाएगी जो एक उदाहरण बने। उन्होंने छांगुर पीर को राष्ट्रविरोधी करार दिया।

राष्ट्र विरोधी है जलालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर- सीएम

सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यूपी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि आरोपित जलालउद्दीन की गतिविधियाँ समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं।”

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपित और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियाँ जब्त की जाएँगी और उन पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

सीएम के मुताबिक, “राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्हें कानून के अनुसार ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज के लिए एक उदाहरण बने।”

छांगुर पीर की कोठी पर चला बुलडोजर

सीएम योगी की प्रतिक्रिया से पहले बलरामपुर स्थित छांगुर पीर की महिला सहयोगी नीतू नवीन रोहरा के घर पर बुलडोजर चलवाया था। ये आलीशान घर अवैध तरीके से बनाया गया था और यहाँ से छांगुर पीर अपने गैंग के साथ रहता था और धर्मांतरण के काले कारनामे करता था।

शनिवार (5 जुलाई 2025) को यूपी एटीएस ने छांगुर पीर और उसकी गर्लफ्रैंड नीतू उर्फ नसरीन को लखनऊ के एक होटल से गिरफ्तार किया था। यह गिरोह बलरामपुर के उटरौला में लंबे समय से सक्रिय था। जाँच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क को विदेशों से ₹100+ करोड़ की फंडिंग मिली है।

छांगुर बाबा और उसका नेटवर्क

जमालुद्दीन खुद को हाजी पीर जलालुद्दीन बताता था। वह अपने एजेंटों के जरिए हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए उकसाता था। जानकारी के अनुसार, इस काम के लिए लड़कियों की जाति के हिसाब से फीस तय थी।

ब्राह्मण, क्षत्रिय, सरदार लड़कियों के लिए 15-16 लाख रुपए, पिछड़ी जाति की लड़कियों के लिए 10-12 लाख रुपए और अन्य जातियों के लिए 8-10 लाख रुपए मिलते थे।



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