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दवाइयाँ, मशीनें, कार और शराब… ब्रिटेन से ट्रेड डील के बाद इंडिया में जानें क्या-क्या होगा सस्ता: भारत के किसानों को भी विदेश में मिलेगा नया बाजार,₹2.8 लाख करोड़ बढ़ेगा व्यापार


भारत- ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता

भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता हुआ है। इस समझौते से आने वाले र्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 2.8 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है।

गुरुवार (24 जुलाई 2025) को भारत और ब्रिटेन के बीच हुए इस ऐतिहासिक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के बाद भारत के लिए करीब करीब टैरिफ फ्री व्यापार के नए द्वार खुल गए। किसानों, व्यापारियों से लेकर युवाओं, छात्रों को भी इसने खुश कर दिया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंग्लैंड के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर की मौजूदगी में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश समकक्ष जोनाथन रेनॉल्ड्स ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते से दोनों देशों में निवेश बढ़ेगा और रोजगार भी बढ़ेंगे। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

भारत- ब्रिटेन दोनों को फायदा

इस समझौते से यूके में बनने वाले सामान भारत में सस्ती हो जाएँगी वहीं भारत का सामान भी यूके में सस्ता हो जाएगा जिससे इसकी खपत बढ़ेगी। ब्रिटेन से आने वाली दवाईयाँ, मेडिकल उपकरण, ऑटोमोबाइल्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स और फैशन- ब्यूटी प्रोडक्ट सस्ते हो जाएँगे। इन पर औसत ड्यूटी रेट घटकर 15 फीसदी से 3 फीसदी तक आ जाएगा।

भारत और यूके फ्री ट्रेड डील से भारत की 99 फीसदी एक्सपोर्ट प्रोडक्ट यूके में टैक्स फ्री होगा। वहीं भारत ब्रिटेन के आने वाले 90 फीसदी सामानों पर टैरिफ हटा देगा। अगले 10 वर्षों में इससे करीब 85 फीसदी उत्पाद टैरिफ फ्री हो जाएँगे।

वहीं ब्रिटेन के लिए भी ये समझौता काफी अहम है। अमेरिकी टैरिफ ने यूरोपीय यूनियन को परेशान कर रखा है। ब्रिटेन को भारत के रूप में बड़ा बाजार मिलने जा रहा है। ब्रिटेन के शराब, कार और मेडिकल उपकरण आदि से जुड़ी कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

ब्रिटिश शराब होगी सस्ती

भारत-यूनाइटेड किंगडम मुक्त व्यापार समझौते से स्पिरिट पर टैरिफ कम हो जाएगा, जिससे प्रीमियम अंतर्राष्ट्रीय शराब ब्रांड का लुत्फ भारतीय कम कीमत देकर उठा पाएँगे। माना जा रहा है कि कीमतों में कटौती कम से कम ₹300 प्रति बोतल हो सकती है। दोनों सरकारों के बीच लंदन में हुए समझौते के मुताबिक ब्रिटेन की व्हिस्की पर टैरिफ 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत हो जाएगा। साथ ही अगले 10 वर्षों में ये 40 फीसदी रह जाएगा।

जगुआर, लैंड रोवर जैसे कार मिलेंगे सस्ते

समझौते की वजह से जगुआर, लैंड रोवर जैसी ब्रिटिश कारें भी भारतीयों के लिए किफायदी दरों पर उपलब्ध होंगी। क्योंकि इन कारों पर टैरिफ 100 फीसदी से घट कर 10 फीसदी हो जाएगा। वहीं इससे इन कंपनियों को भारत में अपना बाजार बनाना आसान हो जाएगा।

भारतीय डेयरी प्रोडक्ट, खाद्य तेल और सेब शामिल नहीं

समझौते का फायदा कृषि क्षेत्र को काफी होगा क्योंकि उन्हें टैरिफ कम होने से भारतीय कृषि उत्पाद ब्रिटेन में सस्ते हो जाएँगे। किसानों को उनके उत्पाद की अच्छी कीमत मिलेगी। भारतीय मुर्गे-मुर्गियाँ, मछलियाँ, अंडे जैसे फॉर्म प्रोडक्ट को नया बाजार मिलेगा।

भारत ने समझौते में डेयरी उत्पाद, खाद्य तेल और सेब को शामिल नहीं कर किसानों के हित में फैसला लिया। बाकि 95 फीसदी कृषि उत्पादों को इसमें शामिल किया है।

भारत की चाय-कॉफी और पारंपरिक मसालों जैसे हल्दी, कालीमिर्च, लॉग-इलायची की माँग तो पहले से ही ब्रिटेन में काफी है। इस समझौते से इन उत्पादों का व्यापार बढ़ जाएगा। भारतीय अचार, मधु, दालें, आम- नारंगी और दूसरे फल टैरिफ फ्री होने से ब्रिटिश बाजारों में आसानी से उपलब्ध होंगी। इससे न सिर्फ भारत का किसान संपन्न होगा बल्कि व्यापारी वर्ग भी लाभान्वित होगा। इससे लोगों को रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

पीएम मोदी ने मुक्त व्यापार समझौते को लेकर कहा है कि इससे भारत के कृषि उत्पादों को एक बड़ा बाजार मिलेगा। भारतीय कपड़े , जूते, जेवरात और रत्न, इंजीनियरिंग के सामान, समुद्री फूड समेत कई उत्पादों को बेचने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। पीएम ने कहा कि कई सालों की मेहनत के बाद एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनी।

सूरत-मुंबई जैसे व्यापारिक शहर और चमकेंगे

मुक्त व्यापार समझौते से भारत में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे ऐसी वस्तुएँ जिसका निर्यात बढ़ेगा, वहाँ मजदूरों की जरूरत बढ़ेगी। जैसे खिलौने, कपड़े, चमड़े के सामान, समुद्री फूड आदि।

इससे सूरत और मुंबई जैसे व्यापारिक शहरों को काफी फायदा होगा जहाँ से आभूषण और रत्नों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है।

ईसीजी-एक्स रे मशीनें होंगी सस्ती

टैरिफ करीब करीब हटने से मेडिसिन और मेडिकल उपकरण को मँगाना आसान हो जाएगा। ईसीजी-एक्सरे मशीन सस्ती हो जाएँगी। वहीं भारतीय आईटी सेक्टर, बेंकिंग और दूसरे वित्तीय संस्थानों, शिक्षा संस्थानों को भी काफी फायदा होगा।

5 ब्रिटिश यूनिवर्सिटी के भारत में खुलेंगे कैंपस

शिक्षा के क्षेत्र में भी भारत को काफी फायदा होने वाला है, क्योंकि ब्रिटेन के मशहूर यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए अब भारतीय छात्रों को वहाँ जाना नहीं पड़ेगा। वहाँ की साउथेम्पटन यूनिवर्सिटी का कैंपस गुरुग्राम में खुल चुका है।

लिवरपुल यूनिवर्सिटी का कैंपस बेंगलुरु में खुलने वाला है। वहीं यॉर्क यूनिवर्सिटी, एबरडीन यूनिवर्सिटी और ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी का कैंपस मुंबई में खुलेगा।

पीएम मोदी ने कहा, “शिक्षा के क्षेत्र में भी भारत-ब्रिटेन एक नया अध्याय लिख रहे हैं, ब्रिटेन की 6 यूनिवर्सिटी भारत में अपना कैंपस खोलने वाले हैं। पिछले हफ्ते ही साउथेम्पटन यूनिवर्सिटी ने गुरुग्राम में अपना परिसर खोला है।”

भारत-ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच रिश्ते को नया आयाम देगा। नए बाजार में सस्ता सामान बेचने का भरपूर फायदा भारत के बिजनेसमैन उठा पाएँगे।

वहीं किसानों को भी अपने उत्पाद कम कीमत पर विदेश भेजने और अच्छा मुनाफा कमाने का द्वार खोलेगा। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगी और गरीब बच्चों का सपना भी साकार होगा।



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