गुजरात के अहमदाबाद में एक हिंदू छात्र की हत्या की घटना के बाद अब साबरकांठा जिले से भी ऐसा ही मामला सामने आया है। वडाली के शेठ सीजे हाई स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक हिंदू छात्र पर चार मुस्लिम नाबालिगों ने हमला किया और उसे जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित छात्र के पिता ने बताया कि यह घटना 21 अगस्त की शाम करीब साढ़े चार बजे स्कूल की छुट्टी के बाद हुई। चार मुस्लिम नाबालिगों ने स्कूल परिसर में उनके बेटे पर हमला किया और मारने की धमकी दी।

वडाली बजरंग दल के संयोजक रमेशभाई सागर ने बताया कि घटना के तुरंत बाद स्थानीय हिंदू और हिंदू संगठनों ने इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया है। 23 अगस्त को फिर से स्थानीय लोग और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के साथ स्कूल पहुँचे और आरोपितों पर कार्रवाई की माँग की। उस समय स्कूल प्रशासन ने आश्वासन दिया कि आरोपितों को एलसी (लीविंग सर्टिफिकेट) दिया जाएगा, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन रोक दिया गया।

‘मुस्लिम नाबालिग पहले भी स्कूल में चाकू लेकर आए थे’: पीड़ित परिवार का दावा

पीड़ित छात्र के पिता मणिभाई ने ऑपइंडिया को बताया कि मुस्लिम नाबालिग उनके बेटे को बार-बार छेड़ते थे। जब बच्चे ने इसका विरोध किया तो 21 अगस्त की शाम स्कूल छुट्टी के बाद उस पर हमला कर दिया गया।

मणिभाई के अनुसार, घटना के बाद वे आरोपियों के परिवार से मिलने गए थे लेकिन मुख्य आरोपी के पिता ने कहा कि उसका बेटा उनके पास नहीं है। इसके बाद उन्होंने हिंदू संगठनों को जानकारी दी, जिसके चलते स्कूल में विरोध प्रदर्शन हुआ।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि ये चारों नाबालिग पहले भी स्कूल में चाकू जैसे धारदार हथियार लेकर आते थे। छह महीने पहले भी उन्होंने उनके बच्चे पर हमला किया था, लेकिन उस समय स्कूल प्रशासन ने केवल मौखिक आश्वासन दिया था कि आगे ऐसा नहीं होगा।

मणिभाई ने बताया कि इस बार भी स्कूल प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। परिवार की माँग है कि आरोपी नाबालिगों को तुरंत एल.सी. (लीविंग सर्टिफिकेट) दिया जाए और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएँ।

उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित बच्चे की पीठ पर गंभीर चोटें हैं, क्योंकि उसे मवेशियों से पीटा गया। फिलहाल वह चलने में सक्षम नहीं है और उसका इलाज जारी है।

स्कूल ने घटना को बच्चों के बीच झगड़ा बताया, कहा- हम LC नहीं दे सकते

स्कूल के प्राथमिक विभाग के प्रधानाचार्य अमितभाई ने ऑपइंडिया को बताया कि चार मुस्लिम नाबालिगों ने एक हिंदू छात्र पर हमला किया था। लेकिन उन्होंने इस घटना को केवल ‘बच्चों के बीच मामूली झगड़ा’ बताया।

प्रधानाचार्य ने पीड़ित परिवार के उन आरोपों को नकार दिया जिनमें कहा गया था कि आरोपित नाबालिग पहले स्कूल में हथियार लेकर आए थे या पहले भी झगड़ा हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को लीविंग सर्टिफिकेट)देने की कोई बात नहीं हुई थी।

एल सी को लेकर प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि चूँकि आरोपित नाबालिग प्राथमिक कक्षा के छात्र हैं, इसलिए शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत उन्हें स्कूल से निकाला नहीं जा सकता।

जब तक उनके माता-पिता अपील न करें या किसी वरिष्ठ अधिकारी का आदेश न हो, तब तक एल सी जारी नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर, पीड़ित परिवार इस घटना को गंभीर मान रहा है।

उनका कहना है कि आरोपित मुस्लिम नाबालिगों को तुरंत स्कूल से निकाला जाए और कार्रवाई की जाए। परिवार ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर स्कूल प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, तो वे पुलिस में शिकायत दर्ज कराएँगे।

(मूल रूप से ये खबर गुजराती में भार्गव राजगुरु ने लिखी है, इसे पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे।)

Source link

Search

Categories

Recent Posts

Tags

Gallery