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असम में काली मंदिर के पास फिर फेंका गया गाय का कटा सिर, भड़क उठे हिंदू: पुलिस ने बोदिर अली, हजरत अली, तारा मिया, शजामल मियाँ और जहाँगीर आलम को किया गिरफ्तार


असम लखीपुर गौमांस

असम के लखीपुर में शनिवार (14 जून 2025) को काली मंदिर के पास फिर से गौमांस फेंके जाने की घटना हुई, जिससे इलाके में साम्प्रदायिक तनाव बढ़ गया। इस्लामिक कट्टरपंथियों ने गाय का कटा सिर मंदिर परिसर में फेंक दिया।

ये दूसरा ऐसा मामला है, क्योंकि इससे पहले धुबरी में भी ऐसा ही कुछ हुआ था। लखीपुर के काली मंदिर के पास गाय का कटा हुआ सिर मिलने से स्थानीय लोग बहुत गुस्से में हैं।

पुलिस को जैसे ही इसकी खबर मिली, वो तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और गाय का कटा हुआ सिर अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी ताकि तनाव और न बढ़े।

इस मामले में पुलिस ने 5 इस्लामी कट्टरपंथियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस की गिरफ्त में आए इस्लामी कट्टरपंथियों के नाम हैं- बोदिर अली, हजरत अली, तारा मिया, शजामल मिया और जहाँगीर आलम।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने खुद अपने ट्विटर (एक्स) पर इन गिरफ्तारियों की जानकारी दी।

स्थानीय हिंदुओं का कहना है कि ये कोई नई बात नहीं है। पहले भी मुस्लिम चरमपंथियों ने वार्ड नंबर 10 के मंदिर परिसर में गौमांस फेंका था। उस वक्त भी लोगों ने खूब विरोध किया, तब जाकर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जाँच शुरू की।

इससे पहले भी शुक्रवार 13 जून 2025 के अगले दिन मुस्लिम बहुल धुबरी इलाके में एक स्थानीय हनुमान मंदिर में एक गाय का कटा हुआ सिर पाया गया। इसके बाद वहाँ भी विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए। तनाव इतना अधिक बढ़ गया कि खुद असम के मुख्यमंत्री को वहाँ का दौरा करना पड़ा।

मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वासन देते हुए आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की बात कही और सीधा गोली मारने का आदेश जारी कर दिया। हालाँकि धुबरी की घटना पर पुलिस की रातभर चली जाँच में कुल 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

असम में बीते कई दिनों से मुस्लिम चरमपंथियों द्वारा हिन्दू मंदिरों को टारगेट करके बार-बार गौमांस फेंकने का प्रयास किया जा रहा है और हिन्दूओं की आस्था का मज़ाक उड़ाया जा रहा है।



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