एजीईएल भारत की पहली और एकमात्र अक्षय ऊर्जा कंपनी है जिसने मुख्य रूप से ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के माध्यम से यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पोर्टफोलियो के मुताबिक कंपनी के पास 11,005.5 मेगावाट सौर, 1,977.8 मेगावाट पवन और 2,556.6 मेगावाट पवन-सौर हाइब्रिड क्षमता है।

AGEL के सीईओ आशीष खन्ना ने कहा, “15,000 मेगावाट की उपलब्धि को पार करना बहुत गर्व की बात है। यह उपलब्धि हमारी टीम के फोकस और समर्पण का प्रमाण है। यह हमारे प्रमोटरों के दूरदर्शी नेतृत्व और हमारे निवेशकों, ग्राहकों, टीम और भागीदारों के अटूट समर्थन के बिना संभव नहीं होता, जो हर कदम पर हमारे साथ खड़े रहे हैं। अक्षय ऊर्जा में वैश्विक नेता के रूप में अदानी को स्थापित करने की श्री गौतम अदाणी की महत्वाकांक्षा से प्रेरित होकर AGEL नवाचार और परिचालन उत्कृष्टता में नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है”
AGEL का 15,539.9 मेगावाट बिजली से 79 लाख घरों को रौशन किया जा सकता है। इससे तेरह अलग-अलग भारतीय राज्यों को फायदा मिलेगा। इनमें पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र शामिल हैं।
अडानी ग्रीन एनर्जी गुजरात के कच्छ के खावड़ा में बंजर भूमि पर 30,000 मेगावाट का दुनिया का सबसे बड़ा अक्षय ऊर्जा संयंत्र विकसित कर रही है। 538 वर्ग किलोमीटर में बना यह संयंत्र पेरिस से पाँच गुना है। ये अंतरिक्ष से भी दिखाई देगा। पूरा होने के बाद ये दुनिया पर सबसे बड़ा बिजली संयंत्र होगा।
AGEL ने अब तक खावड़ा में 5,355.9 मेगावाट अक्षय ऊर्जा के भंडारण की क्षमता हासिल की है। खावड़ा में 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता को हासिल करने लक्ष्य है।
AGEL के परिचालन पोर्टफोलियो को वाटर पॉजिटिव, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त और जीरो वेस्ट-टू-लैंडफिल के रूप में प्रमाणित किया गया है।