नोएडा इंजीनियर युवराज मौत

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, युवराज की मौत डूबने और दम घुटने से हुई है। उनके फेफड़ों में करीब 200 मिलीलीटर पानी पाया गया, जो इस बात की पुष्टि करता है कि वह लंबे समय तक पानी में फँसे रहे। इस दौरान दम घुटने के साथ-साथ उन्हें ‘हार्ट फेलियर’ भी हुआ था।

मदद के इंतजार में गई जान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसा ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित टी-प्वाइंट पर देर रात हुआ। कोहरे और तेज रफ्तार के चलते युवराज की कार अनियंत्रित हो गई। जिसके बाद युवराज कार समेत मॉल के बेसमेंट में भरे पानी में गिर गए। हादसे के तुरंत बाद युवराज ने अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन किया था।

उन्होंने मदद के लिए उनसे तुरंत आने को कहा लेकिन जब पिता मौके पर पहुँचे तो कोहरे के कारण कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बाद उन्होंने दोबारा बेटे को कॉल किया तो युवराज ने कार के अंदर से मोबाइल की टॉर्च जलाई और अपने होने का संकेत दिया। इसके बाद पिता ने डायल-112 पर कॉल किया तो नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची।

इसके बाद फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम भी वहाँ आ गई। दर्जनों कर्मचारी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाए गए लेकिन कथित तौर पर कोई भी पानी में उतरने को तैयार नहीं था क्योंकि पानी बहुत ठंडा था और अंदर सरिया होने का भी अनुमान था। अंत में देरी के चलते युवराज की मौत हो गई।

अब तक नहीं निकली कार, बिल्डरों पर हुई कार्रवाई

हादसे के बाद से अब तक उनकी कार को भी गड्ढे से बाहर नहीं निकाला जा सका है। प्राधिकरण का कहना है कि पहले बेसमेंट से पानी निकाला जाएगा, उसके बाद वाहन को बाहर निकाला जाएगा। इस मामले में नोएडा प्राधिकरण ने दो बिल्डर कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

आरोप है कि इन कंपनियों पर प्राधिकरण का करीब 3000 करोड़ रुपए बकाया है। इसके बावजूद न तो बकाया वसूली हो सकी और न ही निर्माण स्थल पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए गए।

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