संभल हिंसा के दौरान दंगाइयों ने फेंके जो पत्थर, उसी से बना दी गई पुलिस चौकी: शारिक साठा के घर से सिर्फ 300 मीटर की दूरी


उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 की हिंसा आज भी लोगों की यादों में ताजा है। जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल ने पूरे शहर की व्यवस्था हिला दी थी। सड़कों पर पथराव, इंटरनेट बंद, स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी और हर तरफ तनाव। लेकिन अब उसी हिंसा में इस्तेमाल हुए पत्थरों ने एक बिल्कुल नई भूमिका निभाई है। पुलिस ने इन पत्थरों को सुरक्षा और कानून व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक बनाकर एक नई पुलिस चौकी तैयार की है।

हिंसा के पत्थरों से बनी पुलिस चौकी

नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय इलाके में मुस्लिम बहुल आबादी के बीच दो मंजिला पुलिस चौकी बनाई गई है। विशेष बात यह है कि इसका निर्माण हिंसा में दंगाइयों द्वारा फेंके गए पत्थरों से किया गया है। यह चौकी उस स्थान से लगभग 300 मीटर दूर है, जहाँ दुबई में बैठे संभल हिंसा के कथित मास्टरमाइंड शारिक साठा का घर है।

एसपी केके विश्नोई ने हिंसा के बाद कहा था कि दंगाइयों के फेंके पत्थर बेकार नहीं जाएँगे, बल्कि इन्हें पुलिस चौकियाँ बनाने में लगाया जाएगा ताकि यह भविष्य में संदेश दे सके कि व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिशें उसे और मजबूत ही करेंगी। अब यह घोषणा जमीन पर उतर चुकी है।

निर्माण की शुरुआत और धार्मिक अनुष्ठान

चौकी की नींव 4 मार्च 2024 को भूमि पूजन के साथ रखी गई थी। पहली ईंट स्थानीय मुस्लिम बच्ची इनाया ने रखी थी। शुक्रवार (12 दिसंबर 2025) को इस नई चौकी का उद्घाटन डीएम और एसपी की मौजूदगी में होगा, जिसकी शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और दुर्गा सप्तशती पाठ के साथ की जाएगी।

दीपा सराय चौक पर बनी यह चौकी मुस्लिम आबादी के केंद्र में स्थित है। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएँ मिलीजुली हैं, कुछ इसे सुरक्षा व्यवस्था के लिए जरूरी कदम मानते हैं, तो कुछ इसे लेकर संशय में भी हैं। प्रशासन का कहना है कि चौकी से क्षेत्र की निगरानी और कानून-व्यवस्था पहले की तुलना में और मजबूत होगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस दो मंजिला चौकी

सीओ असमोली कुलदीप सिंह के अनुसार, यह पुलिस चौकी दो मंजिला है। इसमें पूरे इलाके की निगरानी के लिए सीसीटीवी नेटवर्क कंट्रोल रूम बनाया गया है। चौकी खुद भी सीसीटीवी कैमरों से सुसज्जित है।

अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में कई हिस्ट्रीशीटर सक्रिय रहे हैं, इसलिए निगरानी जरूरी थी। इसी इलाके में 2018 में मुल्ला अरशद ने चौकी के बूथ में साँप छोड़ने जैसी हरकत भी की थी।

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