धीरेंद्र शास्त्री पदयात्रा

बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा निकाली गई ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ 7 नवंबर 2025 को दिल्ली से शुरू हुई और रविवार (16 नवंबर 2025) को वृंदावन पहुँचकर संपन्न हुई। यात्रा को मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव के साथ ही जाने-माने धर्मगुरुओं, कई सितारों, नेताओं और करोड़ों श्रद्धालुओं का समर्थन मिला। यात्रा ने तीन राज्यों दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश का सफर तय किया।

धीरेंद्र शास्त्री की अगुवाई में हुई इस 10 दिवसीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य सनातन हिंदू एकता को मजबूत करना, सामाजिक समरसता का संदेश देना, धर्मांतरण और लव-जिहाद के प्रति जागरूकता बढ़ाना, गौ-संरक्षण और नशामुक्त समाज को प्रेरणा देना था। शुरुआत से ही हजारों लोग इस यात्रा में शामिल हुए और जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, यह भीड़ लाखों-करोड़ों तक जा पहुँची। दिल्ली में 15 किलोमीटर, हरियाणा में कुल 82 किलोमीटर और यूपी में कई प्रमुख स्थानों पर यात्रा को भारी जन समर्थन मिला।  

पदयात्रा के दौरान जगह-जगह फूल वर्षा, भंडारे, स्वागत द्वार और आरती के साथ श्रद्धालुओं ने बागेश्वर महाराज का अभूतपूर्व स्वागत किया। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के स्वास्थ्य ठीक न होने के बावजूद उन्होंने अपनी इस यात्रा को पूरा किया, जिससे उनके भक्तों का उत्साह और बढ़ गया।

फिल्म-क्रिकेट हस्ती भी पदयात्रा में हुए शामिल

10 दिन की इस सनातन एकता पदयात्रा में फिल्म से लेकर क्रिकेट की हस्तियाँ भी शामिल हुईं। इनमें क्रिकेटर शिखर धवन, उमेश यादव, अभिनेता संजय दत्त, अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी, अभिनेता राजपाल यादव और निर्माता एकता कपूर जैसे लोग शामिल हैं। इसके कारण पदयात्रा ने खूब सुर्खियाँ बँटोरी।

पदयात्रा का अंतिम दिन

कोसी कला और कोसी मंडी से होते हुए दसवें दिन जब यात्रा वृंदावन पहुँची, तो ऐसा लगा मानो पूरा ब्रज क्षेत्र इस आयोजन के रंग में रंग गया हो। चारधाम मंदिर परिसर में अंतिम आरती के साथ यात्रा का औपचारिक समापन हुआ। यात्रा के अंतिम दिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं पहुँचे और शास्त्री जी के साथ पदयात्रा में शामिल हुए।

समापन समारोह में संबोधित करते हुए पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इस यात्रा ने दिखा दिया कि अमीर-गरीब, साधु-संत और आम जन हर वर्ग सनातन की रक्षा और संगठन के संकल्प में एकजुट है। उन्होंने कहा कि यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्रीय भावनाओं का प्रतीक बनकर उभरी है। शास्त्री जी ने जोर देकर कहा कि यह यात्रा उस शक्ति का प्रदर्शन है, जो कई बड़े आंदोलनों में भी देखने को नहीं मिली।

ब्रज में मांस-मदिरा पर रोक की चर्चा को उन्होंने शुभ संकेत बताया और कहा कि दुनिया ने देख लिया है कि सनातन समाज अब संगठित हो रहा है। यात्रा के दौरान उन्होंने सात संकल्प हिंदू राष्ट्र, सनातन एकता, गौ-संरक्षण, परंपराओं का उत्थान, लव-जिहाद व धर्मांतरण के खिलाफ जागरूकता, नशामुक्त समाज और युवाओं को धर्म से जोड़ने पर विशेष बल दिया। इस यात्रा के दौरान 300 से अधिक मुस्लिमों ने भी हिस्सा लिया था।

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