भारत को कूटनीतिक फ्रंट पर एक बड़ी जीत हासिल हुई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आतंक प्रतिबन्ध निगरानी समिति ने द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है। TRF को पहलगाम आतंकी हमला करने का जिम्मेदार इस रिपोर्ट में बताया गया है। यह इसलिए भी बड़ी जीत हैं क्योंकि वर्तमान में पाकिस्तान UNSC का सदस्य है। इससे पहले अमेरिका ने TRF पर प्रतिबन्ध लगाए थे।
UNSC की समिति ने क्या कहा?
मंगलवार (29 जुलाई, 2025) को जारी की गई UNSC की प्रतिबन्ध निगरानी समिति रिपोर्ट में TRF पर बात की गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है, “22 अप्रैल को, 5 आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में एक पर्यटन स्थल पर हमला किया। इसमें 26 नागरिक मारे गए। उसी दिन हमले की ज़िम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली, जिसने घटनास्थल की एक तस्वीर भी जारी की। इसके अगले दिन दोबारा जिम्मेदारी का दावा किया गया।”

रिपोर्ट में आगे बताया गया है, “हालाँकि, 26 अप्रैल को, TRF ने अपना दावा वापस ले लिया। TRF की ओर से कोई और जानकारी इस पर नहीं आगे दी गई। किसी और ने इस हमले की जिम्मेदारी भी नहीं ली। इसके चलते इस क्षेत्र में तनाव अभी नाजुक मोड़ पर हैं, जिसका फायदा आतंकी उठा सकते हैं।”
इस रिपोर्ट के अनुसार,”एक सदस्य देश ने कहा कि यह हमला लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन के बिना नहीं हो सकता था, और कि लश्कर तथा TRF के बीच कनेक्शन है। एक और देश ने कहा कि यह हमला TRF ने ही किया जो लश्कर का ही पर्याय है। एक और सदस्य देश ने इन विचारों को खारिज कर दिया और दावा किया कि लश्कर अब निष्क्रिय हो चुका है।”
यह क्यों भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत?
UNSC की रिपोर्ट में TRF का जिक्र और उसे पहलगाम हमले से सीधे तौर पर लिंक किया जाना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक सफलता है। भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद UNSC को विशेष तौर पर TRF और उसके पाकिस्तान से लिंक के विषय में बताया था। भारत ने इस दौरान UNSC से TRF को वैश्विक आतंकी संगठन लिस्ट में शामिल करने की माँग की थी। भारत ने इस दौरान UNSC में इसके मददगारों पर भी एक्शन की माँग की थी।
अब UNSC की इस महत्वपूर्ण समिति कि रिपोर्ट में TRF का स्पष्ट तौर पर जिक्र है। यह जिक्र तब किया गया है जब UNSC के 15 सदस्यों में वर्तमान में पाकिस्तान भी शामिल है। पाकिस्तान वर्तमान में UNSC के 10 अस्थायी सदस्यों में से एक है। वह लगातार चीन के साथ मिलकर भारत के आतंक के खिलाफ एक्शन को रोकने के प्रयास करता रहा है। हालाँकि, भारत के कूटनीतिक प्रयासों के चलते उसकी एक नहीं चली और TRF को इस रिपोर्ट में शामिल किया गया।
पाकिस्तान ने इसका विरोध किया है, यह रिपोर्ट की एक लाइन से भी स्पष्ट होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक सदस्य देश ने लश्कर-ए-तैयबा के खत्म होने की बात कही है। ऐसे दावे पाकिस्तान करता आया है। उसका दावा रहा है कि आतंक की नर्सरियों को बंद कर चुका है। हालाँकि, यह स्पष्ट है कि वह लगातार आतंकियों को खाद-पानी देता है। लश्कर और जमात उद दावा जैसे आतंकी समूह लगातार उसकी जमीन से चलते हैं।
अमेरिका ने भी लगाया था प्रतिबन्ध
अमेरिका ने भी जुलाई, 2025 में TRF को एक वैश्विक आतंकी संगठन घोषित किया था। अमेरिका की इस कार्रवाई को भारत ने एकदम सही कहा था और पाकिस्तान ने भी दबाव में माना था कि यह लश्कर से जुड़ा हुआ है। TRF पहलगाम आतंकी हमले के अलावा और भी कई हमलों में शामिल रही है।