इजरायल पर हमास आतंकियों के हमले के 2 साल होने वाले हैं। अभी भी हमास की कैद में करीब 50 इजरायली हैं, जिसमें से माना जा रहा है कि 28 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, हमास की कैद से छूटे एक इजरायली ने अपनी आपबीती बताते हुए हमास के आतंकियों की बर्बरता को बयान किया है।
टाइम्स ऑफ इजरायल पर कीथ सीगल की आपबीती छपी है। कीथ सीगल एक अमेरिकी-इजरायली हैं, जिन्हें 7 अक्टूबर 2023 को किबुत्ज कफर आजा से हमास ने अगवा कर लिया था। उन्होंने बताया कि वहाँ एक महिला बंधक को बहुत बुरी तरह सताया गया। उसे माथे पर नुकीली रॉड और सिर पर बंदूक रखी गई। कीथ को फरवरी 2025 में रिहा किया गया, लेकिन वो अभी भी सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि मटान अंगरेस्ट नाम के सैनिक के साथ वो कैद में थे, जो 7 अक्टूबर को बुरी तरह जख्मी हो गया था। मटान को सांस लेने में दिक्कत थी और उसे बचाने के लिए हमास ने उसे सुरंग से बाहर निकाला।
कीथ सीगल ने अपनी कैद के बारे में बताया। उसने कहा कि उसने एक महिला बंधक को भयानक यातनाएँ झेलते देखा। आतंकियों ने उसके माथे पर नुकीली रॉड रखी और सिर पर बंदूक तानी। कीथ ने बताया कि उसे और अन्य बंधकों को बार-बार मारने की धमकी दी जाती थी।
ऐसी ही एक और गवाही लिशाय मिरान-लवी की है, जिनके पति ओमरी मिरान अभी भी बंधक हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति को हर मिनट यातनाएँ दी जा रही हैं। हमास ने यौन हिंसा को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया, जैसा कि पहले आईएसआईएस और बोको हरम जैसे आतंकी संगठन कर चुके हैं। कई पीड़ितों के शव बिना कपड़ों के, हाथ बंधे हुए और अंग-भंग की हालत में मिले। इजरायल ने हमास को युद्ध में यौन अपराधों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
लंदन के अखबार द टाइम्स की एक जाँच रिपोर्ट में 15 रिहा हुए बंधकों, एक रेप से बची महिला और 17 प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का जिक्र है। इन गवाहों ने बताया कि हमास ने कम से कम 6 अलग-अलग जगहों पर रेप और गैंगरेप किए। कई पीड़ितों के शव बिना कपड़ों के मिले, उनके हाथ बंधे थे और प्राइवेट पार्ट्स तक को विकृत (काटा गया, गोली मारी गई) किया गया था।
हमास की हैवानियत: 7 अक्टूबर की वह काली तारीख
हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर अचानक हमला बोला। यह हमला इतना सुनियोजित और क्रूर था कि पूरी दुनिया स्तब्ध रह गई। आतंकियों ने जमीन, पानी और हवा… तीनों रास्तों से इजरायल में घुसपैठ की। उन्होंने नागरिक इलाकों में घुसकर औरतों, बच्चों और बूढ़ों को निशाना बनाया। इस हमले में 1200 से ज्यादा लोग मारे गए, 2200 से ज्यादा घायल हुए और 251 लोग बंधक बनाए गए। आज भी 50 बंधक हमास की कैद में हैं, जिनमें से 28 की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
हमास की क्रूरता का सबसे बड़ा निशाना दक्षिणी इजरायल में चल रहा एक म्यूजिक फेस्टिवल बना। इस फेस्टिवल में 3000 से ज्यादा लोग मौजूद थे, ज्यादातर युवा। आतंकियों ने पहले इलाके को घेरा, फिर अंधाधुंध गोलियाँ बरसाईं। इस हमले में 260 से ज्यादा लोगों की हत्या हुई।
Do Not Forget how this war started!
This video is one of the most horrifying from 7th October of Naama Levy is bleeding and pulled by her hair by a Hamas terrorists from the back of a Jeep while people in Gaza celebrate it!
pic.twitter.com/CHSCyVcrVq— Azat (@AzatAlsalim) December 18, 2024
जर्मन नागरिक शानी लौक भी इसी फेस्टिवल में थीं। हमास के आतंकियों ने उनकी हत्या की, उनके शव को नग्न करके पिकअप ट्रक में लादा और फिलिस्तीन में परेड निकाली। भीड़ ने उनके शव पर थूका और नारे लगाए। शानी की माँ ने बाद में अपील की कि कम से कम उनकी बेटी का शव वापस कर दिया जाए। यही नहीं, शानी के इंटग्रास अकाउंट तक पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने उसकी मौत का जश्न मनाया और घटिया कमेंट्स किए।
Noa was partying in the south of Israel in a peace music festival when Hams terrorists kidnapped her and dragged her from Israel into Gaza.
Noa is held hostage by Hamas.
She could be your daughter, sister, friend.#BringBackOurFamily pic.twitter.com/gi2AStVdTQ— Hen Mazzig (@HenMazzig) October 7, 2023
ऐसी ही एक और महिला नोआ को भी हमास ने अगवा किया। वीडियो में दिखता है कि आतंकी ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगाते हुए औरतों को गाड़ियों में भर रहे हैं। कई औरतों के साथ रेप की खबरें सामने आईं। एक इजरायली शख्स योनी आशेर ने बताया कि उन्होंने एक वायरल वीडियो में अपनी पत्नी और बेटी को देखा, जिन्हें हमास के आतंकी ट्रक में लादकर ले गए। योनी आशेर ने अपनी पत्नी के फोन को ट्रैक किया, जो गाजा में मिला।
हमास की बर्बरता: रेप, अंग-भंग और लाशों के साथ हैवानियत
हमास की क्रूरता सिर्फ हत्याओं तक सीमित नहीं थी। प्रत्यक्षदर्शियों और रिहा हुए बंधकों ने जो बताया, वो रोंगटे खड़े करने वाला है। आतंकियों ने औरतों के साथ रेप किया, गैंगरेप किया, उनके स्तन काटे, प्राइवेट पार्ट्स में गोली मारी। कई मामलों में लाशों के साथ भी रेप किया गया। द टाइम्स की रिपोर्ट में एक सह-लेखक शारोन जगागी ने बताया कि कई गवाहों ने देखा कि हमास ने पीड़ितों को गोली मारने के बाद उनके शवों के साथ रेप की कोशिश की।
हमास की करतूत की निंदा हर तरफ हुई। संयुक्त राष्ट्र से लेकर कई देशों ने इस हमले को आतंकवादी करार दिया और यौन हिंसा को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। लेकिन भारत में स्वरा भास्कर जैसे कुछ लोग और इस्लामी कट्टरपंथियों के साथ सहानुभूति रखने वाले हमास को क्लीन चिट देने की कोशिश कर रहे हैं। यह शर्मनाक है कि ऐसे लोग तथ्यों को नजरअंदाज करके आतंकवाद का समर्थन करते हैं।
दरअसल, पार्ट टाइम हिरोइन और फुल टाइम एक्टिविस्ट स्वरा भास्कर चाहती है कि इन सब पर बात न हो। वो हमास की बर्बरता को अफवाह बताती है और वो चाहती है कि इस पर बात न हो।
ये पूरी दुनिया जानती है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के दौरान क्या-क्या हुआ और अभी पूरी दुनिया हमास की उस क्रूरता के बारे में बात कर रही है। लेकिन स्वरा ने अपने ट्वीट में उल्टा इजरायल पर इल्ज़ाम लगाए। यही नहीं, उसने कहा कि हमास ने कोई भी यौन उत्पीड़न नहीं किया। इसके साथ ही उसने कहा कि इजरायल दशकों से फिलिस्तीनी कैदियों के खिलाफ रेप और यौन उत्पीड़न का इस्तेमाल कर रहा है। स्वरा ने बीबीसी की रिपोर्ट को खारिज करते हुए सारा दोष इजरायल पर ही मढ़ दिया। वैसे, ये काम वो पहले भी कर चुकी है और उसका गैंग भी।
There is credible, visual evidence of Israel using rape & sexual torture as an instrument against Palestinian in their prisons for decades.. the Hamas-rapes rumours have been debunked by many international orgs & the Haaretz (Israeli newspaper) but BBC must persist… Shameful! https://t.co/g5pmrvAkJq
— Swara Bhasker (@ReallySwara) July 8, 2025
यह ट्वीट स्वरा की उस पुरानी आदत को दिखाता है, जिसमें वो बिना पूरी तस्वीर देखे, एकतरफा दावे करती हैं। हमास की बर्बरता के सामने, जिसे दुनिया ने वीडियो, गवाहों और पीड़ितों के बयानों से देखा, स्वरा का यह दावा न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि आतंकवाद को सफेद चादर ओढ़ाने की कोशिश भी लगता है।
स्वरा की इस नौटंकी का मकसद सिर्फ हेडलाइन बनाना और अपने फॉलोअर्स को खुश करना है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वो सचमुच उन तस्वीरों और वीडियो को नजरअंदाज कर सकती हैं, जहाँ हमास के आतंकियों ने औरतों, बच्चों और बूढ़ों के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कीं?
स्वरा के दावे कि हारेत्ज़ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हमास की क्रूरता को खारिज किया, पूरी तरह बेबुनियाद हैं। हारेत्ज़ ने कभी ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं छापी। उल्टा संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार संगठनों ने हमास की बर्बरता की पुष्टि की है। स्वरा की इस हरकत से साफ है कि वो तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर एक खास नैरेटिव चलाना चाहती हैं, जिसमें हमास को पीड़ित और इजरायल को खलनायक दिखाया जाए। ऐसी सोच न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि उन पीड़ितों का अपमान भी है, जिन्होंने हमास की क्रूरता को झेला।
स्वरा जैसे लोगों की मानसिकता ही घटिया
हमास की बर्बरता को नजरअंदाज करने वाले स्वरा भास्कर और उसके जैसे तथाकथित सेकुलर लोगों की मानसिकता पर सवाल उठता है। ये लोग आतंकवाद को जायज ठहराने की कोशिश करते हैं, क्योंकि ये उनके नैरेटिव को सूट करता है। स्वरा को शानी लौक का अपहरण, उसकी हत्या और शव की परेड ड्रामा लगती है, क्योंकि वो खुद कैमरे के सामने नौटंकी करने में माहिर हैं। लेकिन क्या वो उन माँओं का दर्द समझ सकती हैं, जिनकी बेटियों को हमास ने नग्न करके सड़कों पर घसीटा? क्या वो उन बच्चों का दुख समझ सकती हैं, जिनके सामने उनकी माँओं के साथ रेप हुआ?
स्वरा और उनके जैसे लोग सिर्फ हेडलाइन बेचने के लिए ऐसी बातें करते हैं। इनका कोई वास्तविक स्टैंड नहीं है, बस हर बार वो उस तरफ खड़े हो जाते हैं, जो उनके लिए सुर्खियाँ लाए। इनके लिए लानतें ही भेजी जा सकती हैं, क्योंकि ये सच को दबाकर झूठ को चमकाने की कोशिश करते हैं। भारत जैसे देश में जहाँ लोग शांति और इंसानियत की बात करते हैं, ऐसे लोग समाज के लिए खतरा हैं।
सच को दबाने की कोशिश बेकार है स्वरा
स्वरा भास्कर का ट्वीट और उनकी सोच उन लोगों का प्रतिनिधित्व करती है, जो सच को तोड़-मरोड़ कर अपने एजेंडे को चमकाना चाहते हैं। लेकिन हमास की हैवानियत को कोई नहीं छिपा सकता। 7 अक्टूबर 2023 की घटनाएँ, शानी लौक, नोआ, और सैकड़ों अन्य पीड़ितों की कहानियाँ और रिहा हुए बंधकों के बयान इस बात का सबूत हैं कि हमास ने इंसानियत को शर्मसार किया। दुनिया को अब एकजुट होकर ऐसी बर्बरता के खिलाफ खड़ा होना होगा और स्वरा जैसे लोगों को उनकी नौटंकी के लिए जवाबदेह बनाना होगा।